/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Monday, 20 December 2010

!! जय जय जय खाटू के वासी, जय जय जय जय बाबा श्याम... !!




सभी भगवद भक्तों का यह अटूट विश्वास है, कि भगवान सर्वव्यापक हैं... ब्रह्माण्ड के प्रत्येक कण कण में उनका निवास हैं... विश्व कि समस्त विभूतियाँ उन्ही के प्रकाश से जगमगा रही है... यद्यपि उनकी प्राप्ति सर्वत्र हो सकती है, परंतु जिस विशेष स्थान में उनका आविर्भाव होता है उसका अपना विशिष्ट महत्त्व होता है...


ढूंढा रे देश के 'खाटू ग्राम' को माता मोरवी के लाल बाबा श्यामधणी ने निज भक्तों के कल्याणार्थ स्वयं अपनाया है... यही कारण है कि बाबा श्याम जी के दर्शानाभिलाषी देश के कोने कोने से यहाँ आते है और उनका दर्शन कर स्वयं को कृतार्थ करते है... आइये अब सभी श्याम प्रेमी खाटू के वासी बाबा श्याम का जयकारा श्रद्धापूर्वक शरणागत भाव से लगाये...




जय जय जय खाटू के वासी, जय जय जय जय बाबा श्याम...
शरणागत हम आये आपकी, अपनी शरण में ले लो श्याम...



सुन्दर कुण्ड बना खाटू में, शोभा अति अपारी ओ श्याम...
आचमन करते श्याम कुण्ड में, भवसागर से तारे ओ श्याम...



जय जय जय खाटू के वासी, जय जय जय जय बाबा श्याम...
शरणागत हम आये आपकी, अपनी शरण में ले लो श्याम...



शीश मुकुट आभुषण सोहे, गल पुष्पन की माला ओ श्याम...
मस्तक पर मल्यागिरि चंदन, मोर छड़ी लिये हाथां ओ श्याम...



जय जय जय खाटू के वासी, जय जय जय जय बाबा श्याम...
शरणागत हम आये आपकी, अपनी शरण में ले लो श्याम...



रतन जड़ित सिंहासन बैठे, केशरिया बागा अंग ओ श्याम....
खीर चूरमा भोग लगत हैं, मोदक भर-भर थाली ओ श्याम...



जय जय जय खाटू के वासी, जय जय जय जय बाबा श्याम...
शरणागत हम आये आपकी, अपनी शरण में ले लो श्याम...



ऊँचे भवन अति छत्र विराजे, शोभा अति अपारी ओ श्याम...
खड़े भक्तजन चंवर डुलावत, सेवा तुम्हारी करते ओ श्याम...



जय जय जय खाटू के वासी, जय जय जय जय बाबा श्याम...
शरणागत हम आये आपकी, अपनी शरण में ले लो श्याम...



नाथ अप्सरा नृत्य करत है, कर रही तुम्हारा श्याम गुणगान...
संत भक्त सेवक नर नारी, लगा रहे चरणों में ध्यान...



जय जय जय खाटू के वासी, जय जय जय जय बाबा श्याम...
शरणागत हम आये आपकी, अपनी शरण में ले लो श्याम...



धुप कपूर जलाये श्याम की, निश दिन आरती करते ओ श्याम...
झांझ कटोरा और घड़ियावल, शंख तुम्हरा बाजे ओ श्याम...



जय जय जय खाटू के वासी, जय जय जय जय बाबा श्याम...
शरणागत हम आये आपकी, अपनी शरण में ले लो श्याम...



नगाड़ा तुम्हारा बाज रहा हैं, तीन लोक में जय जयकार...
नारद शारद शेष महेश पायो तुम्हारो श्याम पार न पार...



जय जय जय खाटू के वासी, जय जय जय जय बाबा श्याम...
शरणागत हम आये आपकी, अपनी शरण में ले लो श्याम...



आप तो हो प्रभु अंतर्यामी, हम मुरख खल कामी ओ श्याम...
शरणागत हम आये आपकी, अपनी शरण में ले लो श्याम...



जय जय जय खाटू के वासी, जय जय जय जय बाबा श्याम...
शरणागत हम आये आपकी, अपनी शरण में ले लो श्याम...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!

3 comments:

  1. भक्त और उनके भगवन की सदा जय हो!

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर रही आपकी रचना!
    आज के चर्चा मंच पर इस पोस्ट को चर्चा मं सम्मिलित किया गया है!
    http://charchamanch.uchcharan.com/2010/12/376.html

    ReplyDelete

थे भी एक बार श्याम बाबा जी रो जयकारो प्रेम सुं लगाओ...

!! श्यामधणी सरकार की जय !!
!! शीश के दानी की जय !!
!! खाटू नरेश की जय !!
!! लखदातार की जय !!
!! हारे के सहारे की जय !!
!! लीले के असवार की जय !!
!! श्री मोरवीनंदन श्यामजी की जय !!

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