/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Sunday, 20 February 2011

!! श्री मोरवीनंदन खाटू श्याम जी अष्टकम !!



!! श्री मोरवीनंदन खाटू श्याम जी अष्टकम !!


शास्त्रों में अष्टकम स्तुति परम पवित्र एवं कल्याणकारी मानी गयी है... जिसमे साधक अपने आराध्य की स्तुति अष्ट पदों के माध्यम से करते है... आइये हम सभी श्री मोरवीनंदन श्यामधणी खाटू वाले की पावन स्तुति ब्रह्मर्षि श्री वेदव्यास जी द्वारा रचित स्कन्दपुराण के कौमारिका खंड के ६६वे अध्याय में उक्त "श्री श्यामदेव स्त्रोत्र" पर आधारित "श्री मोरवीनंदन खाटू श्याम जी अष्टकम" के माध्यम से करे एवं अपने आराध्य श्री श्याम बाबा की परम कृपा प्राप्त करे..."




---------------------------: दोहा :---------------------------


गुरु गणपति शारद शरण नौमि श्याम दिन रैन !
अष्टक सत चित्त सुमिरण प्रदत सकल सुख चैन !!
खाटू दर कलिमल हरण विपत विमुच मृदु वैन ! 
विप्लव वन्दक प्रभु चरण सदय हरत हरि दैन !!


---------------------------: चौपाई :--------------------------


जय यक्षप कुल कोटि चौरासी, सूर्यवर्च अधिपति अविनासी !
जयति प्रताप प्रखर बलबंता, किस बिध विरद बखानु अनंता !!



जय प्रवृत्त हरण भूमि भारा, अल्प श्राप नैर्ॠत तनु धारा !
जयति कामकण्टकटा जाया, मोर्विकुक्षि राजहंस कहाया !!



जय घटोत्कच मुद वर्धमाना, बर्बरीक प्रसिद्ध अविधाना !
जयति कृष्ण आज्ञा परिपालक, गुप्त क्षेत्र देवी आराधक !!



जय नव चण्डी शक्ति स्वरूपा, अर्जित अतुलित वीर्य अनूपा !
जयति विप्र विजय सिद्धि दायक, चण्डिल नाम वीर वर पायक !!



जय वैष्णव वैतरणी तारक, नव कोटि पलाशी संहारक !
जयति द्रुहद्रुह दैत्या मारक, पिङग्ल रेपलेन्द्र वध कारक !!



जय बली भीम मान विदारक, नाग कन्या वरण परिहारक !
जयति भैमिसुत निधि सुखचैना, अति प्रवृत्त वध कौरव सेना !!



जय यदुपति वर लब्ध प्रतापा, दात्र सकल वर हर भव तापा !
जयति श्याम कलि वन्दित देवा, बड भागी जन पावत सेवा !!



जय श्री श्याम भक्त पत राखत, मोहन मनोज विप्लव याचत !
जयति भक्त वत्सल भगवाना, रक्षा करो प्रभु कृपा निधाना !!


---------------------------: दोहा :--------------------------


नित्य श्याम अष्टक पढ़े उर आनन्द हमेश !
सकल सुख आरोग्य बढ़े मोर्वेय हरत क्लेश !!
निज भक्त पर दया द्रवे दीन दु:खी हितेश !
अष्ट सिद्धि नव निधि प्रदे जयति खाटू नरेश !!


------------------------: इति श्री :----------------------



रचियता : "श्री  मनोज विप्लव"


!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!

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थे भी एक बार श्याम बाबा जी रो जयकारो प्रेम सुं लगाओ...

!! श्यामधणी सरकार की जय !!
!! शीश के दानी की जय !!
!! खाटू नरेश की जय !!
!! लखदातार की जय !!
!! हारे के सहारे की जय !!
!! लीले के असवार की जय !!
!! श्री मोरवीनंदन श्यामजी की जय !!

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