/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Thursday, 27 October 2011

!! श्री श्याम गायत्री मंत्र !!




ॐ मोर्वी नन्दनाय विद् महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।
ॐ मोर्वी नन्दनाय विद् महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।
ॐ मोर्वी नन्दनाय विद् महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।
ॐ मोर्वी नन्दनाय विद् महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।
ॐ मोर्वी नन्दनाय विद् महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।
ॐ मोर्वी नन्दनाय विद् महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।
ॐ मोर्वी नन्दनाय विद् महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।


रचियता : "श्री मनोज विप्लव"

Sunday, 16 October 2011

!! स्कन्दपुराणोक्त वीर बर्बरीक उपाख्यान !! : Skandpuranokt Veer Barbarik Upakhyaan

श्री वेदव्यास जी द्वारा विरचित स्कन्दपुराण के माहेश्वर खंड के उपखंड कौमारिका खंड में उक्त "वीर बर्बरीक उपाख्यान" महाभारत के उस वीर बर्बरीक के जीवन चरित्र को समर्पित है, जो पाण्डव कुलभूषण महाबली भीमसेन के पुत्र घटोत्कच एवं मूरकन्या मोरवी (कामकटंककटा) के पुत्र थे...एवं जिन्होंने अपनी विमल भक्ति के द्वारा योगेश्वर भगवन श्री कृष्ण से कलयुग में देवरूप में पूजित होने का अमर वरदान प्राप्त किया... और जिन्हें आज हम सभी इस कलियुग में मोरवीनंदन खाटूश्याम जी के नाम से जानते है... !! स्कन्दपुराणोक्त वीर बर्बरीक उपाख्यान !! : Skandpuranokt Veer Barbarik Upakhyaan

Sunday, 9 October 2011

!! किस्मत वालो को मिलता है, श्याम तेरा प्यार... !!




हे ! इष्टदेव, कुलदेव, श्री श्याम बाबा...



किस्मत वालो को मिलता है श्याम  तेरा प्यार...
किस्मत वालो को मिलता है बाबा तेरा प्यार...
सच्चा दरबार तुम्हारा, सच्चा दरबार तुम्हारा, सच्चा दरबार...
किस्मत वालो को मिलता है बाबा तेरा प्यार...



जो भी गया है बाबा तेरे द्वार, पाया उसने बाबा तेरा प्यार...
एक झलक जिसको भी मिल जाये, महक उठे मन बगिया खिल जाये...
खाली झोली जो लाये, खाली झोली जो लाये, भरते भण्डार...
किस्मत वालो को मिलता है बाबा तेरा प्यार...



कलयुग में बस एक सहारा है, सच्चा बाबा द्वार तुम्हारा है...
चारो तरफ दरबार की चरचा है, हाथो हाथ तू देता परचा है...
ऐसा है बाबा दयालु,  ऐसा है बाबा दयालु,  है लखदातार...
किस्मत वालो को मिलता है बाबा तेरा प्यार...



दुखड़े अपने इन्हें सुना जाओ, भक्तो श्याम शरण में आ जाओ...
बिगड़ी बाते बाबा बनायेंगे, जब भी बुलाओ दौड़े आयेंगे...
पल भर की देर करे न, पल भर की देर करे न, ऐसा दिलदार...
किस्मत वालो को मिलता है बाबा तेरा प्यार...



किस्मत वालो को मिलता है बाबा तेरा प्यार...
किस्मत वालो को मिलता है बाबा तेरा प्यार...
सच्चा दरबार तुम्हारा, सच्चा दरबार तुम्हारा, सच्चा दरबार...
किस्मत वालो को मिलता है बाबा तेरा प्यार...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



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