/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Thursday, 31 March 2011

!! दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ... !!



श्री श्यामधणी खाटूवाले के दरबार की बात ही निराली है... जो कोई श्री श्याम भक्त जब कभी भी सच्चे हृदय एवं पूर्ण श्रद्धा के साथ मोरवीनंदन बाबा श्यामधणी के दरबार में शीश नवाता है, श्री श्यामधणी अवश्य उनकी फ़रियाद बिन बोले ही सुन लेते है... इसलिए श्री श्याम प्रेम से पूरित एक भक्त का हृदय अपने अंतर्मन के भावों को इस प्रकार बाबा श्याम को अर्पित करते हुए कहता है कि...



दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...
जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



जो आस लगा करके, दरबार में आता है..
खाली झोली आता, भर के ले जाता है...
मांगे सो मिल जाये, ऐसा भण्डार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



ये सबके मन की बाते, बड़े ध्यान से सुनता है...
फ़रियाद सुने बाबा, और पूरी करता है...
जहाँ सबकी सुनाई हो, ऐसी सरकार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



कोई प्रेमी बाबा का, जब हमको मिल जाये...
सब रिश्तों से बढ़कर एक रिश्ता बन जाये...
यह श्यामधणी का है, ऐसा परिवार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



'बिन्नू' ने जो चाहा, दरबार से पाया है..
ये ही अपना सब कुछ है, संसार पराया है...
इसे छोड़ मेरा सपना, होगा साकार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...
जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!




भाव रचियता : "श्री विनोद जी गाडोदिया" 'बिन्नू' जी"


श्री श्याम बाबा की यह अनुपम छवि खाटूधाम में विराजित उनके श्री विग्रह की है...


Monday, 28 March 2011

!! देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो... !!




ओ म्हारा धणी, ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा सेठा रा सेठ साँवरा थारे द्वार पर खडया थारा टाबरिया, थासुं केवल आ ही अरज करे ह, कि....


देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...
देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...



थे मायत, मैं टाबर थारो...
फिर क्यूँ भूल्या, मत ना बिसारो...
झुर-झुर मनरो रोवे, श्याम निहारो...
झुर-झुर मनरो रोवे, श्याम निहारो...



देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...



ना ठुकराओ, गले स लगाओ...
अवगुण म्हारा, चित्त ना ल्याओ...
देव दयालु थे हो, दया बरसाओ...
देव दयालु थे हो, दया बरसाओ...



देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...



अड़ी ओड़ी गर, ना आओला...
कुण सै रिश्ते, बतलाओला...
'नंदू' सही ना जावे, पीड़ विचारों...
'नंदू' सही ना जावे, पीड़ विचारों...



देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...
देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!


भजन : "श्री नंदू जी"

Friday, 25 March 2011

!! खाटूवाले श्याम बाबा, तेरी ही सहारा... !!




खाटूवाले श्री श्याम बाबा मेरे कुलदेव है, उनकी कृपा से ही हमारा जीवन है... मै व मेरा परिवार तथा सम्पूर्ण श्याम परिवार श्री श्याम कृपा का ही फल मात्र है... ऐसे परम दयालु इष्टदेव, कुलदेव श्री खाटूवाले श्याम बाबा के श्री चरणों मे हमारी एक मात्र केवल यही अरदास है कि...




खाटूवाले श्याम बाबा, तेरी ही सहारा...
तेरे सिवा दुनिया में, कोई न हमारा...
लखदातार तू है ये, जाने जग सारा...
तेरे सिवा दुनिया में, कोई न हमारा...



खाटूवाले श्याम बाबा, तेरी ही सहारा...
तेरे सिवा दुनिया में, कोई न हमारा...



बड़े ही दयालु, तेरी महिमा है भारी...
दर्शन को आवे, तेरे नर और नारी...
हारे का साथी बाबा, नाम है तिहारा...
तेरे सिवा दुनिया में, कोई न हमारा...



खाटूवाले श्याम बाबा, तेरी ही सहारा...
तेरे सिवा दुनिया में, कोई न हमारा...



तू है खिवैया मेरा, कैसे तुझे पाऊं...
भक्ति न भाव जानू, कैसे मैं रिझाऊं...
हमको भी तारों जैसे, औरो को है तारा...
तेरे सिवा दुनिया में, कोई न हमारा...



खाटूवाले श्याम बाबा, तेरी ही सहारा...
तेरे सिवा दुनिया में, कोई न हमारा...



भीख दया की, दे दो श्यामबिहारी...
'महाबीर' दाता तेरे, दर का पु़जारी...
भगतों की नैया, को भी दे दो किनारा...
तेरे सिवा दुनिया में, कोई न हमारा...



खाटूवाले श्याम बाबा, तेरी ही सहारा...
तेरे सिवा दुनिया में, कोई न हमारा...
लखदातार तू है ये, जाने जग सारा...
तेरे सिवा दुनिया में, कोई न हमारा...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री महाबीर शर्मा जी"

Tuesday, 22 March 2011

!! श्री खाटू श्यामजी मंदिर कमेटी, खाटू धाम की अधिकारिक वेबसाइट !!




!! श्री खाटू श्यामजी मंदिर कमेटी, खाटू धाम की अधिकारिक वेबसाइट !!








आज आप सभी श्याम प्रेमियों को सूचित करते हुए मुझे अपार हर्ष हो रहा है, कि "श्री खाटू श्याम जी मंदिर कमेटी, खाटूधाम" की ओर से इस कलयुग में हम सभी के प्यारे बाबा श्याम का सुयश घर घर में प्रकशित करने हेतु  अंतरजाल (Internet) पर श्री श्याम बाबा को पूर्णरूपेण समर्पित एक अधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण १ मार्च २०११ को माननीय मंत्री यातायात एवं परिवहन प्रथा देवयस्तान (राजस्थान सरकार)  "श्री मान ब्रज किशोर शर्मा" के द्वारा ख़ाटुधाम मे किया गया... जिसमे आप सभी श्याम प्रेमी बाबा श्यामधणी के श्री मंदिर एवं खाटू धाम से जुड़ी समस्त जानकारिया ( बाबा श्यामधणी का  इतिहास, विशेष उत्सव, आरती, धर्मशाला, फोटो गेरेली, संकल्प, दर्शनीय स्थल, मंदिर कमेटी ) प्राप्त कर सकेंगे...



समस्त श्री श्याम प्रेमियों के हितार्थ, श्री खाटू श्याम जी मंदिर कमेटी, खाटू धाम के द्वारा उठाया गया यह कदम अत्यंत ही प्रसंशनीय है... जिसके लिए समस्त श्याम प्रेमी  श्री खाटू श्याम जी मंदिर कमेटी, खाटू धाम के समस्त सदस्यों को ह्रदय से धन्यवाद देते हुए बाबा श्यामधणी से प्रार्थना करते है कि वे अपने सभी भक्तो के अंतर्मन में बुद्धि, विवेक और शालीनता के साथ साथ निज भक्ति एवं प्रेम की उतरोत्तर वृद्धि करते रहे...



आप समस्त श्यामप्रेमी नीचे दी गयी लिंक पर क्लीक कर बाबा श्यामधणी को समार्पित, "श्री खाटू श्यामजी मंदिर कमेटी, खाटूधाम" की  इस अधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते है...






!! जय श्री श्याम जी की !!



जय कामकंटकटाकुक्षि राजहंस जय घटोत्कचानन्दवर्धन बर्बरीकाभिधान !



जय जय कलिकालवन्दित नमो नमस्ते पाहि पाहिती !!



"हे! कामकटंककटा(मोरवी) माता की कोख के राजहंस भगवन्! आपकी जय हो, जय हो."



"हे! घटोत्कच पिता के आनंद बढ़ाने वाले बर्बरीक जी के नाम से सुप्रसिद्ध देव! आपकी जय हो, जय हो.."



"हे! कलिकाल में सर्वत्र पूजित देव! आपको बारम्बार नमस्कार हैं, नमस्कार है, नमस्कार है... हमारी रक्षा कीजिये, रक्षा कीजिये, रक्षा कीजिये..."



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!




Saturday, 19 March 2011

!! सांवरियो रंग बरसाये, आयो आयो फागणियो... !!




आहा!! होली री आ सुहानी भोर म........



सांवरियो रंग बरसाये, आयो आयो फागणियो...
सांवरियो रंग बरसाये, आयो आयो फागणियो...
झूम रही है खाटू नगरी, श्याम छटा लहराये...
आयो आयो फागणियो...



म्हारा रंग रंगीला ठाकुर बैठ्या, चरणा म धोक लगावां...
देखो आयो बुलावो श्यामधणी को, होली खेलण जांवा...
ओ नैन हुया ह प्रेम बाँवरा, आँसूडा ढलका जाये...
आयो आयो फागणियो...



सांवरियो रंग बरसाये, आयो आयो फागणियो...
सांवरियो रंग बरसाये, आयो आयो फागणियो...
झूम रही है खाटू नगरी, श्याम छटा लहराये...
आयो आयो फागणियो...



पंचरंग छवि खाटू धाम बनी, देखो श्याम धणी मुस्कावे...
देखो झूला झुलावे प्रीत की डोरी, श्याम हिंडोलो खावे...
ओ करे आरती 'लाल गोपालो' मनरा री थाल सजाये...
आयो आयो फागणियो...



सांवरियो रंग बरसावे, आयो आयो फागणियो...
सांवरियो रंग बरसाये, आयो आयो फागणियो...
झूम रही है खाटू नगरी, श्याम छटा लहराये...
आयो आयो फागणियो...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!

 

भजन : "श्री श्री गोपाल जी"

Wednesday, 16 March 2011

!! ग्यारस च्यानण की आई, भगतां मिल ज्योत जगाई... !!



आज श्री श्यामधणी जी री पावन च्यानणी ग्यारस की बेला है... हर्षित मन सुं, सब भगतां मिल बाबा जी री ज्योत जगाई ह... और सारा भगतां, आंगणिये म झांझ-मजीरा, ताल मृदंग की मधुर तान क साथ श्री श्यामधणी स, हुलस हुलस क यु अरदास लगावे ह...



ग्यारस  च्यानण की आई, भगतां मिल ज्योत जगाई...
झांझ-मजीरा बाजै आंगणे, ओ बाबा! झांझ-मजीरा बाजै आंगणे...
मन म हरियाली छाई, भगतां अरदास लगाई...
झांझ-मजीरा बाजै आंगणे, ओ बाबा! झांझ-मजीरा बाजै आंगणे...



ग्यारस  च्यानण की आई, भगतां मिल ज्योत जगाई...
झांझ-मजीरा बाजै आंगणे, ओ बाबा! झांझ-मजीरा बाजै आंगणे...



चमचम चमकातो बागो, कानां म कुण्डल ओ, कानां म कुण्डल ओ...
हिवड़ो हुलसायो म्हारो, भला पधारयां ओ, भला पधारयां ओ...
हीरो भलकै माथे म, अंतर गमकै बागे म..
फूलडा  बरसे छे म्हारै आंगणे, ओ बाबा! फूलडा  बरसे छे म्हारै आंगणे...



ग्यारस  च्यानण की आई, भगतां मिल ज्योत जगाई...
झांझ-मजीरा बाजै आंगणे, ओ बाबा! झांझ-मजीरा बाजै आंगणे...



गंगा जल झारी थारां, चरण पखारां ओ, चरण पखारां ओ...
ऊँच सिंहासन बैठो, आरती उतारां ओ, आरती उतारां ओ...
भजन सुनावां थाणे, गाकर रीझावां थाणे...
अमृत बरसे छे म्हारै आंगणे, ओ बाबा! अमृत बरसे छे म्हारै आंगणे...



ग्यारस  च्यानण की आई, भगतां मिल ज्योत जगाई...
झांझ-मजीरा बाजै आंगणे, ओ बाबा! झांझ-मजीरा बाजै आंगणे...



जो थाणे भावे बाबा, भोग लगावां ओ,  भोग लगावां ओ...
रुच-रुच जीमो प्रभुजी, पड़दो लगावां ओ, पड़दो लगावां ओ...
थारो मूलकातो मुखड़ो, चंदा सुं लागे उजलो...
कीर्तन म  देख्यों थाणे आंगणे,  ओ बाबा! कीर्तन म देख्यों थाणे आंगणे...



ग्यारस  च्यानण की आई, भगतां मिल ज्योत जगाई...
झांझ-मजीरा बाजै आंगणे, ओ बाबा! झांझ-मजीरा बाजै आंगणे...



बिडलो दबाओ मुख म, अंतर कानां म ओ, अन्तर कानां म ओ...
थारे लीले के पावां, बिछिया बाजणियां ओ, बिछिया बाजणियां ओ...
करस्यां पहरावणी थारी, आशा पुरैली म्हारी...
चरण दबास्याँ म्हारै आंगणे, ओ बाबा! चरण दबास्याँ म्हारै आंगणे...



ग्यारस  च्यानण की आई, भगतां मिल ज्योत जगाई...
झांझ-मजीरा बाजै आंगणे, ओ बाबा! झांझ-मजीरा बाजै आंगणे...



लगन निभाज्यो प्रभुजी, प्रेम बढ़ाज्यो ओ, प्रेम बढ़ाज्यो ओ...
या  म्हारी मिनखा जुणी, सफल बणाज्यो ओ, सफल बणाज्यो ओ...
'मोती' चरणा रो चाकर, जनम सुधारों आकर...
भल-भल पधारयां म्हारै आंगणे, ओ बाबा!  भल-भल पधारयां म्हारै आंगणे...



ग्यारस  च्यानण की आई, भगतां मिल ज्योत जगाई...
झांझ-मजीरा बाजै आंगणे, ओ बाबा! झांझ-मजीरा बाजै आंगणे...
मन म हरियाली छाई, भगतां अरदास लगाई...
झांझ-मजीरा बाजै आंगणे, ओ बाबा! झांझ-मजीरा बाजै आंगणे...



आप सभी इस सुमधुर भाव को नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सुन भी सकते है...





!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!



भाव के रचियता :  "श्री मोतीलाल जी ढंड"


श्री श्याम बाबा की यह अनुपम आलौकिक श्रृंगार की छवि "श्री साईं दर्शन मंदिर, मलाड, मुंबई के श्री श्याम दरबार की" है...

Tuesday, 15 March 2011

!! ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे... !!




अंततः सभी श्याम भक्तों के लिए प्रतीक्षा की घड़ी समाप्त हो ही गयी, क्योंकि आज खाटू नगर को श्याममय और सम्पूर्ण वातावरण में श्याम रंग बरसाने वाली फागण की परम पुनीत ग्यारस आ गयी है... खाटू नगर में चारो ओर उल्लासित हृदय से प्रत्येक श्यामभक्त श्री श्यामधणी के जयघोष और भजनों के माध्यम से बाबा श्याम की महिमा का गुणगान कर रहे है.. कोई चंग बजा रहा है, तो कोई श्याम प्रेम का रंग उड़ा है... तो कोई बाबा श्याम के श्री दर्शन के लिए मंदिर के बाहर लंबी लंबी कतारों में लगा आनंदित हृदय से बाबा का जयघोष कर रहा है... तो कोई भक्त हाथो में पीले पीले और केशरिये निशान ले  अन्य भक्तो के साथ नाचता एवं भजन गाता हुआ खाटू धाम की ओर बढ़ा चला आ रहा है... तो कोई भक्त खाटू धाम में पहुचे श्याम भक्तो की सेवा श्रुष्या में अपने तन-मन-धन को लगा कर स्वयं को परम सौभाग्यशाली समझाता हुआ बाबा श्याम की महिमा का गुणगान कर रहा है... मंदिरों में झांझ नगाडो एवं भक्तो के करतल की मधुर ध्वनि से मानो सम्पूर्ण वातावरण ही श्याममय हो गया हो...



ऐसे में एक श्याम प्रेमी श्री श्यामधणी की फागण की इस पुनीत ग्यारस की महिमा का बखान इस प्रकार करता हुआ श्याम प्रेम की मस्ती में झूम रहा है...




ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की... फागण की ग्यारस फागण की...



चंग बजाता रंग उड़ाता श्यामधणी क चालो रे...
चंग बजाता रंग उड़ाता श्यामधणी क चालो रे...
रंगभरी होली चटकीला चंग बजावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



पीला पीला केशरिया थे, शुभ निशान मंगवाल्यो रे...
पीला पीला केशरिया थे, शुभ निशान मंगवाल्यो रे...
श्यामधणी क पिचरंगो झंडो लहरावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



एक भक्त और एक ह बाबो, एक इष्ट अपनाल्यो रे...
एक भक्त और एक ह बाबो, एक इष्ट अपनाल्यो रे...
एक सु एक मिले तो या ग्यारस बन जावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



महीने म दो ग्यारस आवे, या ग्यारस तो आली रे...
महीने म दो ग्यारस आवे, या ग्यारस तो आली रे...
धरती चमके अम्बर चमके, लगे दीवाली रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



अष्ट प्रहर का होवे रे कीर्तन, झांझ नगाड़ा बाजे रे...
अष्ट प्रहर का होवे रे कीर्तन, झांझ नगाड़ा बाजे रे...
श्याम धणी के मंदरिये में, ज्योत जगावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



मनसा पुरे यो सांवरियो, भक्तां के मन भावे रे...
मनसा पुरे यो सांवरियो, भक्तां के मन भावे रे...
'श्याम' सलोना सांवरिया की महिमा गावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की... फागण की ग्यारस फागण की...



आप सभी इस अनुपम भाव को निचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सुन भी सकते है...




!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!



भजन : "श्री श्याम कुमार जी"



बाबा श्यामधणी की शौर्य गाथा एवं उनके दिव्य एवं उज्जवल चरित्र की प्रतिक स्वरुप इस पावन पुनीत फागण की ग्यारस एवं बारस की आप सभी श्याम प्रेमियों एवं भक्तों को "श्री मोरवीनंदन खाटू श्याम चरित्र" की इस सत्संग स्थ...ली से बहुत बहुत अभिनन्दन और बधाई प्रेषित करते हुए प्रभु श्याम से कामना करता हूँ, की वे आप सभी पर अपनी असीम कृपा बनाये रखे और आप लोगो के अंतर्मन में नित निरंतर निज प्रेम एवं भक्ति का संचार करते रहे...

Sunday, 13 March 2011

!! ओ आयो आयो फागण आयो, म्हारो साँवरियो मुस्कायो... !!



!! रंग रंगीला श्यामधणी रो रंग रंगीलो दरबार !!
!! भगतां के संग चंग बजावे, फागण म सरकार !!



ओ आयो आयो फागण आयो, म्हारो साँवरियो मुस्कायो...
ओ आयो आयो फागण आयो, म्हारो साँवरियो मुस्कायो...
ओ श्याम खाटू म चंग बजायो ह...
चालो चालो बुलावो आज आयो ह...



मन की वीणा स श्याम गुण गांवंगा...
म्हारा श्याम जी स नयना मिलावंगा...
म्हारा खाटू सरकार थारी होवे जय जयकार...
ओ बाबा होवे जय जयकार...



ओ जगमग जगमग ज्योत जगायो, रंग बिरंगो मौसम छायो...
ओ जगमग जगमग ज्योत जगायो, रंग बिरंगो मौसम छायो...
ओ श्याम खाटू म चंग बजायो ह...
चालो चालो बुलावो आज आयो ह...



केशर चन्दन रो तिलक लगावंगा...
सुदी ग्यारस की रात जगावंगा...
म्हारे मन री पुकार बोले जय जय लखदातार...
ओ बाबा जय जय लखदातार...



थारो 'गोपालो' यश गायों, थाणे भजना सु रिझायो...
थारो 'गोपालो' यश गायों, थाणे भजना सु रिझायो...
ओ श्याम खाटू म चंग बजायो ह...
चालो चालो बुलावो आज आयो ह...



ओ आयो आयो फागण आयो, म्हारो साँवरियो मुस्कायो...
ओ आयो आयो फागण आयो, म्हारो साँवरियो मुस्कायो...
ओ श्याम खाटू म चंग बजायो ह...
चालो चालो बुलावो आज आयो ह...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!


भजन : " श्री श्रीगोपाल जी"


श्याम बाबा की यह छवि खाटू धाम में श्री श्याम बाबा के निज श्री मंदिर के ठीक पीछे बने एक मंदिर की है...

Saturday, 12 March 2011

!! ले हाथों में निशान, खाटू हम जायेंगे... !!




निकल पड़े है समस्त श्यामभक्त खाटूधाम की ओर रास्ते भर बाबा श्यामधणी की महिमा का गुणगान करते हुए अर्पण करने के लिए निशान... बस सबके मन में आस यही है, कि देंगे अपने श्री दर्शन का सौभाग्य सभी भक्तों को बाबा श्याम...



दर तेरे आयेंगे, दर तेरे आयेंगे...
ले हाथों में निशान, खाटू हम जायेंगे...
करे तेरा गुणगान, श्याम गुण गायेंगे...
चल रिंगस से तेरे धाम, श्याम हम आयेंगे...
श्याम हम आयेंगे... श्याम हम आयेंगे...



गणपत जो आगे होंगे, बढ़ते ही जायेंगे...
बाला जो बैठे ऊपर, राह दिखाएँगे...
छाए जो बादल काले, सारे छट जायेंगे...
इन नयनों में दिखे, तेरा जो श्रृंगार...
दरश कर जायेंगे, दरश कर जायेंगे...



दर तेरे आयेंगे, दर तेरे आयेंगे...
ले हाथों में निशान, खाटू हम जायेंगे...
करे तेरा गुणगान, श्याम गुण गायेंगे...
चल रिंगस से तेरे धाम, श्याम हम आयेंगे
श्याम हम आयेंगे....



कब से थी आश मन में, दरशन पायेंगे...
दिल का जो हाल अपना, तुमको सुनायेंगे...
सपने सजोये दिल में, तुझको रिझाएंगे...
लीला संग 'टीकम' नाचे, देखेंगे सरकार...
दरश दे जायेंगे, दरश दे जायंगे...



दर तेरे आयेंगे, दर तेरे आयेंगे...
ले हाथों में निशान, खाटू हम जायेंगे...
करे तेरा गुणगान, श्याम गुण गायेंगे...
चल रिंगस से तेरे धाम, श्याम हम आयेंगे...
श्याम हम आयेंगे...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!



भजन : "श्री महाबीर जी"

Friday, 11 March 2011

!! चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस... !!



निकल पड़ा है श्री श्यामभक्तो का जत्था खाटूधाम की ओर बाबा श्यामधणी को अर्पण करने के लिए निशान... पूरी होगी सबकी आस बस लगा लो बाबा श्याम के श्री चरणों में प्रेम से ध्यान...



हाथों में ले श्याम ध्वजा, मन में ले विश्वास...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



प्रथम वंदना गनपत की, ज्योति दीप जगाकर...
सफल रहेगी तेरी यात्रा, चलना उन्हें मनाकर...
देवों में सिरमौर गजानन्द, रखते सबकी लाज...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



हाथों में ले श्याम ध्वजा, मन में ले विश्वास...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



नमन करो तुम गुरुदेव को, याद करो शिव भोले को...
माँ से आज्ञा लेकर चलना, साथ अंजनी लाले को...
ध्वजा शिखर पर बाला होंगे, आये न विपदा पास...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



हाथों में ले श्याम ध्वजा, मन में ले विश्वास...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



ध्वजा लहराते नंगे पाँवों, रींगस से तुम जाना...
जयकारा लगाते जाना,  गीत श्याम के गाना...
मंदिर ऊपर धवजा फहराकर, 'टीकम' लेना सांस...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



हाथों में ले श्याम ध्वजा, मन में ले विश्वास...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!



भजन : श्री महाबीर जी

Wednesday, 9 March 2011

!! म्हे तो होली खेलन आवंगा थारे संग, म्हारा साँवरिया... !!




यह वह फागण का पुनीत महीना है, जिसके आने की प्रतीक्षा प्रत्येक श्याम प्रेमी का ह्रदय श्री खाटू धाम में विराजित श्री श्यामधणी के दर्शन एवं उनके साथ होलिकोत्सव मनाने के लिए अवश्य करता है... और ऐसी शुभ अवसर के आगमन पर प्रभु श्याम की भक्ति एवं प्रेम के रंग में रंगे प्रत्येक भक्त का अंग अंग, चंग की धुन में नाचते कूदते एवं पूर्ण प्रफुल्लित मन से  इस प्रकार साँवरिया श्याम धणी से अपने ह्रदय के भाव व्यक्त करता है...




म्हे तो होली खेलन आवंगा थारे संग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ श्याम जी रो द्वार, लागे सपना रो संसार...
ओ श्याम जी रो द्वार, लागे सपना रो संसार...
जठे जगमग जीवनी सुंगंध, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ बाजे ह झंकार, देखो खाटू के दरबार...
ओ बाजे ह झंकार, देखो खाटू के दरबार...
बाजे ढोल, नगाड़ा और चंग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ चन्दनिया री शान, लहरें केशरिया निशान...
ओ चन्दनिया री शान, लहरें केशरिया निशान...
लागे भगतां रो मेलो और मलंग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ मीठो मीठो नाम, म्हारा खाटू वाला श्याम को...
ओ मीठो मीठो नाम, म्हारा खाटू वाला श्याम को...
नाचे प्रेम में मगन अंग-अंग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ थारी महिमा ह विशाल, गुण गावे ह 'गोपाल'...
ओ  थारी महिमा ह विशाल, गुण गावे ह 'गोपाल'...
ल्याया ल्याया थारा भगता भक्ति रंग, म्हारा साँवरिया....
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री श्रीगोपाल जी"

Tuesday, 8 March 2011

!! पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी... !!




प्रत्येक वर्ष फाल्गुण मास में सभी श्याम प्रेमी अपने आराध्य,  परम दयालु  श्री श्यामप्रभु को अपने मानस पटल पर विराजित करके एवं सुमधुर एवं भावपूर्ण भजन- कीर्तन में स्वयं को श्याममय करते हुए,  अपने अपने शहरों से श्री श्यामधणी खाटूवाले का पवित्र निशान (ध्वजा) पैदल चलकर खाटू धाम के श्री मंदिर में बहुत ही श्रद्धा और समर्पण भाव से अर्पित करते है... अब फिर से फाल्गुण का यह पुनीत महीना आ चुका है... और अपने अंतर्मन में श्री श्याम दर्शन की चाह लिए, सभी श्याम प्रेमी अपने आराध्य श्री  श्याम बाबा से पूर्ण हर्षोल्लास के साथ अपने ह्रदय के ये सुन्दर भाव इस प्रकार व्यक्त करते है...





पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
खोल तेरो दरवाजो बाबा, खोल तेरो दरवाजो बाबा, भजन सुणास्यां जी...
पैदल आस्यां जी...



ओ हो पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
ओ हो पैदल आस्यां जी बाबा जी थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...



घणां दिनां सु चाव लाग रहयो, थारा दर्शन करस्यां जी...
घणां दिनां सु चाव लाग रहयो, थारा दर्शन करस्यां जी...
श्यामधणी थे महर करो, सालुना आस्यां जी, पैदल आस्यां जी...



ओ हो पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
खोल तेरो दरवाजो बाबा, खोल तेरो दरवाजो बाबा, भजन सुणास्यां जी...
पैदल आस्यां जी...



खाटू वाले खारड़े का, संगमरमर का गेला जी...
खाटू वाले खारड़े का, संगमरमर का गेला जी...
म्हारो मनरो माने कोणी, दर्शन करस्यां जी, पैदल आस्यां जी...



ओ हो पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
खोल तेरो दरवाजो बाबा, खोल तेरो दरवाजो बाबा, भजन सुणास्यां जी...
पैदल आस्यां जी...



भक्तां री मंडली के सागे बाबा, नाचता कूदता आस्यां जी...
भक्तां   री मंडली के सागे बाबा, नाचता कूदता आस्यां जी...
टाबरिया की लाज राखज्यो, भजन सुणास्यां जी, पैदल आस्यां जी...



ओ हो पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
खोल तेरो दरवाजो बाबा, खोल तेरो दरवाजो बाबा, भजन सुणास्यां जी...
पैदल आस्यां जी...



भगतां न भी ल्यास्यां सागे, घर का न भी ल्यास्यां जी...
भगतां न भी ल्यास्यां सागे, घर का न भी ल्यास्यां जी...
कहे 'बनवारी' रंग बिरंगी, ध्वजा चढ़ास्यां जी, पैदल आस्यां जी...



ओ हो पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
खोल तेरो दरवाजो बाबा, खोल तेरो दरवाजो बाबा, भजन सुणास्यां जी...
पैदल आस्यां जी...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री जयशंकर चौधरी जी"


बाबा श्यामधणी को समर्पित यह सुन्दर भाव राजस्थानी लोकगीत 'धमाल' के तर्ज़ पर आधारित है...

Monday, 7 March 2011

!! हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे... !!




फागण री आ रुत म बाबा श्यामधणी स मिलवा तांई खाटू जावणीयो एक श्याम प्रेमी आपरे साथीड़ा ने यु कहवे ह....




हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
श्याम बुलायो, श्याम बुलायो, श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे... हेलो आयो रे...



खाटू की नगरी म, बाबा श्यामधणी को ठीडो रे...
खाटू की नगरी म, बाबा श्यामधणी को ठीडो रे...
ज्याँसु मिलने की खातिर, यो मनड़ो ललचायो रे...
हेलो आयो रे...



हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
श्याम बुलायो, श्याम बुलायो, श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे...



फागणिये म भोत जोर को, मेलो श्याम को लागे रे...
फागणिये म भोत जोर को, मेलो श्याम को लागे रे...
श्याम ध्वजा ले रींगस स थे, पैदल जाज्यो रे...
हेलो आयो रे...



हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
श्याम बुलायो, श्याम बुलायो, श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे...



म्हारा बाबा सो दिलेर सेठ कोई, ई जग में न दिखे रे...
म्हारा बाबा सो दिलेर सेठ कोई, ई जग में न दिखे रे...
जो दो मीठी मीठी बातां स, काम  बनावे रे...
हेलो आयो रे...



हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
श्याम बुलायो, श्याम बुलायो, श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे...



ज्यूँ ज्यूँ फागण नीड़े आवे, मनड़ो धीर गंवावे रे...
ज्यूँ ज्यूँ फागण नीड़े आवे, मनड़ो धीर गंवावे रे...
श्यामधणी स मिलने तांई, जी उकलावे रे...
हेलो आयो रे...



हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
श्याम बुलायो, श्याम बुलायो, श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे... हेलो आयो रे...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!


Saturday, 5 March 2011

!! मनड़ो नाचै रे साथीड़ा, यो तो धूम मचावै रे... !!




फागण का परम पुनीत महीना आता है, और लाता है अपने साथ सभी श्याम प्रेमियों के लिए ढेर सारी उमंगे... उमंग ऐसी, जिसके वशीभूत हो प्रत्येक श्याम प्रेमी का ह्रदय मचल उठता है, जाने के लिए खाटू धाम की ओर अपने परम आराध्य श्री श्यामधणी  से मिलने के लिए... ऐसे  में एक श्याम प्रेमी अन्य श्यामप्रेमी से पूर्ण हर्षोल्लास के साथ इस प्रकार अपने ह्रदय के भाव की अभिव्यक्ति करता है... 




मनड़ो नाचै रे साथीड़ा, यो तो धूम मचावै रे, मनड़ो नाचै रे...
ज्यूँ-ज्यूँ फागण नेड़ो आवे, शोर मचावै रे,  मनड़ो नाचै रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



फागण के महीना म जास्यां, खाटू के मेला म रे...
बाबो  म्हारो  हेलो मारै, सुपणों  आवै रे..
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



रींगस स जावंगा पैदल, ले निशान हाथां म रे...
झूम-झूम और नाच-नाच कर, भजन सुणास्यां रे.,..
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



दरबार लगावै मेला म, भगतां सुं मिलनै बाबो रे...
अरजी लिख्ल्यो दे देवंगा, करै  सुणाई रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



भगतां का भी दर्शन होशी, दरशन भाग्य जगावै रे...
भेष  बदल  भगतां  म  बाबो, 'टीकम' आवै रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



मनड़ो नाचै रे साथीड़ा, यो तो धूम मचावै रे, मनड़ो नाचै रे...
ज्यूँ-ज्यूँ फागण नेड़ो आवे, शोर मचावै रे,  मनड़ो नाचै रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!


भजन : "श्री महाबीर जी"


यह भजन राजस्थानी लोकगीत धमाल के तर्ज पर आधारित है...


श्री श्यामबाबा के इस अनुपम छवि के दर्शन "श्री श्याम मंदिर, सेवक रोड, सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल" के है...
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