/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Tuesday, 7 December 2010

!! जी म्हारा खाटू वाला श्याम, अनोखी थारी झाँकी... !!





आहा!!! श्री मोरवीनंदन खाटू वाला म्हारा श्यामधणी री या अनोखी झांकी निरख निरख म्हारो यो मनरो यु कहवे ह...

अनोखी थारी झाँकी...अनोखी थारी झाँकी...
अनोखी थारी झाँकी...अनोखी थारी झाँकी...
जी म्हारा खाटू वाला श्याम, अनोखी थारी झाँकी...




घटोत्कच का राजदुलारा, मात मोरवी के नयना रा तारा...
घटोत्कच का राजदुलारा, मात मोरवी के नयना रा तारा...
जी बाबा पाण्डव कुल रा लाल, अनोखी थारी झाँकी...




मस्तक प मुकुट विराजे, काना म कुण्डल साजे...
मस्तक प मुकुट विराजे, काना म कुण्डल साजे...
जी बाबा गल फुलरा को हार, अनोखी थारी झाँकी...




केशारियो बागो भारी, थारा लीले घोड़े री असवारी...
केशारियो बागो भारी, थारा लीले घोड़े री असवारी...
जी बाबा मोरे छड़ी थारा हाथ, अनोखी थारी झाँकी...




थारे मकराने को मंदिर, जाकि शोभा ह अति सुन्दर...
थारे मकराने को मंदिर, जाकि शोभा ह अति सुन्दर...
जी बाबा थारी हो रही जय जयकार, अनोखी थारी झाँकी...




अनोखी थारी झाँकी...अनोखी थारी झाँकी...
अनोखी थारी झाँकी...अनोखी थारी झाँकी...
जी म्हारा खाटू वाला श्याम, अनोखी थारी झाँकी...




थारे फागुन सुदी द्वादश मेला, थारे नर नारी हो भेला...
थारे फागुन सुदी द्वादश मेला, थारे नर नारी हो भेला...
जी बाबा भगत नाच रहया द्वार, अनोखी थारी झाँकी...




खीर चुरमो भोग लगत है, कोई मोदक भर-भर थाली...
खीर चुरमो भोग लगत है, कोई मोदक भर-भर थाली...
जी बाबा नारेला का छाड़, अनोखी थारी झाँकी...




म्हारा श्याम कृष्ण अवतारी, भगता की करे रखवारी...
म्हारा श्याम कृष्ण अवतारी, भगता की करे रखवारी...
जी बाबा सुनियो मेरी पुकार, अनोखी थारी झाँकी...




थारा भगत खड्या यश गावे, चरणा में शीश नवावे...
थारा भगत खड्या यश गावे, चरणा में शीश नवावे...
जी बाबा कर दयो बेड़ा पार, अनोखी थारी झाँकी...




अनोखी थारी झाँकी...अनोखी थारी झाँकी...
अनोखी थारी झाँकी...अनोखी थारी झाँकी...
जी म्हारा खाटू वाला श्याम, अनोखी थारी झाँकी...




!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! जय जय बोलो शीश के दानी बाबा श्याम की !!
!! जय जय बोलो मात मोरवी रा लाल श्यामधणी की !!
!! जय जय बोलो तीन बाण धारी, लीले रे असवार की !!


श्री श्याम बाबा की यह अनुपम एवं सुन्दर झाँकी की छवि श्री गंगानगर (राजस्थान) में आयोजित बाबा श्याम के कीर्तन की है, जिसे श्री अनुपम बंसल जी ने प्रेषित की है...

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थे भी एक बार श्याम बाबा जी रो जयकारो प्रेम सुं लगाओ...

!! श्यामधणी सरकार की जय !!
!! शीश के दानी की जय !!
!! खाटू नरेश की जय !!
!! लखदातार की जय !!
!! हारे के सहारे की जय !!
!! लीले के असवार की जय !!
!! श्री मोरवीनंदन श्यामजी की जय !!

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