/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Monday, 27 June 2011

!! थारो सांचो ह दरबार, बाबा श्याम धणी... !!



हे इष्टदेव, कुलदेव श्री श्यामधणी थारो यो दिव्य, अनुपम रूप श्रृंगार ने निरख निरख थारे द्वार पर उभा थारा श्री चरणा रा सेवकिया रो मनड़ो झूम झूम केवल या ही कहवे ह, कि...



छवि नहीं वर्णन हुये, ऐसो रूप श्रृंगार !
दर्शन से पातक कटे, होय जीव उद्धार !!





मकराणे को मंदरियो, जँच कर बैठ्यो सांवरियों...
मकराणे को मंदरियो, जँच कर बैठ्यो सांवरियों...
म्हारे लीले रा असवार बाबो श्यामधणी...
म्हारे लीले रा असवार बाबो श्यामधणी...




खाटू का सरदार थारी, भोत घणी सकलाई जी...
टाबरिया ने लागे थारो, रूप घणों सुखदाई जी...
स्वर्ण मुकुट सिर सोहवे ह, मोर पंख मन मोहवे ह...
थारो बागों घेर घुमेर बाबा श्याम धणी...



साँचा साँचा परचा देवो, ऊँची ठकुराई थारी जी...
ऊँचे आसण आप विराजो, बाबा श्याम बिहारी जी...
मोर छड़ी थारे हाथां म, केशर टीको माथे पे...
थारे गल मोतियन को हार, बाबा श्याम धणी...



लाखां ही भगतां की थे तो मन की आस पुराई जी...
घर घर माहि पूजे बाबा, थाणे लोग लुगाई जी...
काजल सोहवे आंख्यां म, कुण्डल सोहवे कानां म...
थारो सांचो ह दरबार बाबा श्याम धणी...



जादुगारी चितवन थारी, भगतां के मन भाई जी...
निज भगतां की सेठ सांवरा, थे ही करो सुणाई जी...
'हर्ष' थारी लीला न्यारी, देव दयालु दातरी...
थे कलयुग का अवतार बाबा श्यामधणी...



मकराणे को मंदरियो, जँच कर बैठ्यो सांवरियों...
मकराणे को मंदरियो, जँच कर बैठ्यो सांवरियों...
म्हारे लीले रा असवार बाबो श्यामधणी...
म्हारे लीले रा असवार बाबो श्यामधणी...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!






भजन : "श्री विनोद अग्रवाल जी" 


श्री श्यामधणी को समर्पित यह सुन्दर भाव भक्तप्रवर श्यामलीन श्री कांशीराम जी शर्मा द्वारा रचित सुप्रसिद्ध श्याम भजन "मोर छड़ी थारे हाथां म, हीरो चमके माथां म" के तर्ज़ पर आधारित है...
 

1 comment:


  1. ....(¯`•´¯)♥•.श्री कृष्ण: शरणम् मम: !!
    .....`.♥•.,.(¯`•´¯)♥•.श्री​ कृष्ण: शरणम् मम: !!
    .......(¯`•´¯)♥.•♥•.श्री कृष्ण: शरणम् मम: !!´
    ........`•♥.,.•´♥•.श्री कृष्ण: शरणम् मम: !!
    .•♥•, श्री राधे!!.•♥•,

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थे भी एक बार श्याम बाबा जी रो जयकारो प्रेम सुं लगाओ...

!! श्यामधणी सरकार की जय !!
!! शीश के दानी की जय !!
!! खाटू नरेश की जय !!
!! लखदातार की जय !!
!! हारे के सहारे की जय !!
!! लीले के असवार की जय !!
!! श्री मोरवीनंदन श्यामजी की जय !!

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