/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Sunday, 16 October 2011

!! स्कन्दपुराणोक्त वीर बर्बरीक उपाख्यान !! : Skandpuranokt Veer Barbarik Upakhyaan

श्री वेदव्यास जी द्वारा विरचित स्कन्दपुराण के माहेश्वर खंड के उपखंड कौमारिका खंड में उक्त "वीर बर्बरीक उपाख्यान" महाभारत के उस वीर बर्बरीक के जीवन चरित्र को समर्पित है, जो पाण्डव कुलभूषण महाबली भीमसेन के पुत्र घटोत्कच एवं मूरकन्या मोरवी (कामकटंककटा) के पुत्र थे...एवं जिन्होंने अपनी विमल भक्ति के द्वारा योगेश्वर भगवन श्री कृष्ण से कलयुग में देवरूप में पूजित होने का अमर वरदान प्राप्त किया... और जिन्हें आज हम सभी इस कलियुग में मोरवीनंदन खाटूश्याम जी के नाम से जानते है... !! स्कन्दपुराणोक्त वीर बर्बरीक उपाख्यान !! : Skandpuranokt Veer Barbarik Upakhyaan

1 comment:

  1. आपको गोवर्धन अथवा अन्नकूट पर्व की हार्दिक मंगल कामनाएं,

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थे भी एक बार श्याम बाबा जी रो जयकारो प्रेम सुं लगाओ...

!! श्यामधणी सरकार की जय !!
!! शीश के दानी की जय !!
!! खाटू नरेश की जय !!
!! लखदातार की जय !!
!! हारे के सहारे की जय !!
!! लीले के असवार की जय !!
!! श्री मोरवीनंदन श्यामजी की जय !!

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