/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Tuesday, 15 March 2011

!! ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे... !!




अंततः सभी श्याम भक्तों के लिए प्रतीक्षा की घड़ी समाप्त हो ही गयी, क्योंकि आज खाटू नगर को श्याममय और सम्पूर्ण वातावरण में श्याम रंग बरसाने वाली फागण की परम पुनीत ग्यारस आ गयी है... खाटू नगर में चारो ओर उल्लासित हृदय से प्रत्येक श्यामभक्त श्री श्यामधणी के जयघोष और भजनों के माध्यम से बाबा श्याम की महिमा का गुणगान कर रहे है.. कोई चंग बजा रहा है, तो कोई श्याम प्रेम का रंग उड़ा है... तो कोई बाबा श्याम के श्री दर्शन के लिए मंदिर के बाहर लंबी लंबी कतारों में लगा आनंदित हृदय से बाबा का जयघोष कर रहा है... तो कोई भक्त हाथो में पीले पीले और केशरिये निशान ले  अन्य भक्तो के साथ नाचता एवं भजन गाता हुआ खाटू धाम की ओर बढ़ा चला आ रहा है... तो कोई भक्त खाटू धाम में पहुचे श्याम भक्तो की सेवा श्रुष्या में अपने तन-मन-धन को लगा कर स्वयं को परम सौभाग्यशाली समझाता हुआ बाबा श्याम की महिमा का गुणगान कर रहा है... मंदिरों में झांझ नगाडो एवं भक्तो के करतल की मधुर ध्वनि से मानो सम्पूर्ण वातावरण ही श्याममय हो गया हो...



ऐसे में एक श्याम प्रेमी श्री श्यामधणी की फागण की इस पुनीत ग्यारस की महिमा का बखान इस प्रकार करता हुआ श्याम प्रेम की मस्ती में झूम रहा है...




ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की... फागण की ग्यारस फागण की...



चंग बजाता रंग उड़ाता श्यामधणी क चालो रे...
चंग बजाता रंग उड़ाता श्यामधणी क चालो रे...
रंगभरी होली चटकीला चंग बजावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



पीला पीला केशरिया थे, शुभ निशान मंगवाल्यो रे...
पीला पीला केशरिया थे, शुभ निशान मंगवाल्यो रे...
श्यामधणी क पिचरंगो झंडो लहरावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



एक भक्त और एक ह बाबो, एक इष्ट अपनाल्यो रे...
एक भक्त और एक ह बाबो, एक इष्ट अपनाल्यो रे...
एक सु एक मिले तो या ग्यारस बन जावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



महीने म दो ग्यारस आवे, या ग्यारस तो आली रे...
महीने म दो ग्यारस आवे, या ग्यारस तो आली रे...
धरती चमके अम्बर चमके, लगे दीवाली रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



अष्ट प्रहर का होवे रे कीर्तन, झांझ नगाड़ा बाजे रे...
अष्ट प्रहर का होवे रे कीर्तन, झांझ नगाड़ा बाजे रे...
श्याम धणी के मंदरिये में, ज्योत जगावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



मनसा पुरे यो सांवरियो, भक्तां के मन भावे रे...
मनसा पुरे यो सांवरियो, भक्तां के मन भावे रे...
'श्याम' सलोना सांवरिया की महिमा गावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...



ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की खाटू रे मांहि रंग बरसावे रे, ग्यारस फागण की...
ग्यारस फागण की... फागण की ग्यारस फागण की...



आप सभी इस अनुपम भाव को निचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सुन भी सकते है...




!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!



भजन : "श्री श्याम कुमार जी"



बाबा श्यामधणी की शौर्य गाथा एवं उनके दिव्य एवं उज्जवल चरित्र की प्रतिक स्वरुप इस पावन पुनीत फागण की ग्यारस एवं बारस की आप सभी श्याम प्रेमियों एवं भक्तों को "श्री मोरवीनंदन खाटू श्याम चरित्र" की इस सत्संग स्थ...ली से बहुत बहुत अभिनन्दन और बधाई प्रेषित करते हुए प्रभु श्याम से कामना करता हूँ, की वे आप सभी पर अपनी असीम कृपा बनाये रखे और आप लोगो के अंतर्मन में नित निरंतर निज प्रेम एवं भक्ति का संचार करते रहे...

4 comments:

थे भी एक बार श्याम बाबा जी रो जयकारो प्रेम सुं लगाओ...

!! श्यामधणी सरकार की जय !!
!! शीश के दानी की जय !!
!! खाटू नरेश की जय !!
!! लखदातार की जय !!
!! हारे के सहारे की जय !!
!! लीले के असवार की जय !!
!! श्री मोरवीनंदन श्यामजी की जय !!

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