/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Wednesday, 9 March 2011

!! म्हे तो होली खेलन आवंगा थारे संग, म्हारा साँवरिया... !!




यह वह फागण का पुनीत महीना है, जिसके आने की प्रतीक्षा प्रत्येक श्याम प्रेमी का ह्रदय श्री खाटू धाम में विराजित श्री श्यामधणी के दर्शन एवं उनके साथ होलिकोत्सव मनाने के लिए अवश्य करता है... और ऐसी शुभ अवसर के आगमन पर प्रभु श्याम की भक्ति एवं प्रेम के रंग में रंगे प्रत्येक भक्त का अंग अंग, चंग की धुन में नाचते कूदते एवं पूर्ण प्रफुल्लित मन से  इस प्रकार साँवरिया श्याम धणी से अपने ह्रदय के भाव व्यक्त करता है...




म्हे तो होली खेलन आवंगा थारे संग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ श्याम जी रो द्वार, लागे सपना रो संसार...
ओ श्याम जी रो द्वार, लागे सपना रो संसार...
जठे जगमग जीवनी सुंगंध, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ बाजे ह झंकार, देखो खाटू के दरबार...
ओ बाजे ह झंकार, देखो खाटू के दरबार...
बाजे ढोल, नगाड़ा और चंग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ चन्दनिया री शान, लहरें केशरिया निशान...
ओ चन्दनिया री शान, लहरें केशरिया निशान...
लागे भगतां रो मेलो और मलंग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ मीठो मीठो नाम, म्हारा खाटू वाला श्याम को...
ओ मीठो मीठो नाम, म्हारा खाटू वाला श्याम को...
नाचे प्रेम में मगन अंग-अंग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ थारी महिमा ह विशाल, गुण गावे ह 'गोपाल'...
ओ  थारी महिमा ह विशाल, गुण गावे ह 'गोपाल'...
ल्याया ल्याया थारा भगता भक्ति रंग, म्हारा साँवरिया....
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री श्रीगोपाल जी"

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थे भी एक बार श्याम बाबा जी रो जयकारो प्रेम सुं लगाओ...

!! श्यामधणी सरकार की जय !!
!! शीश के दानी की जय !!
!! खाटू नरेश की जय !!
!! लखदातार की जय !!
!! हारे के सहारे की जय !!
!! लीले के असवार की जय !!
!! श्री मोरवीनंदन श्यामजी की जय !!

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