/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Saturday, 5 March 2011

!! मनड़ो नाचै रे साथीड़ा, यो तो धूम मचावै रे... !!




फागण का परम पुनीत महीना आता है, और लाता है अपने साथ सभी श्याम प्रेमियों के लिए ढेर सारी उमंगे... उमंग ऐसी, जिसके वशीभूत हो प्रत्येक श्याम प्रेमी का ह्रदय मचल उठता है, जाने के लिए खाटू धाम की ओर अपने परम आराध्य श्री श्यामधणी  से मिलने के लिए... ऐसे  में एक श्याम प्रेमी अन्य श्यामप्रेमी से पूर्ण हर्षोल्लास के साथ इस प्रकार अपने ह्रदय के भाव की अभिव्यक्ति करता है... 




मनड़ो नाचै रे साथीड़ा, यो तो धूम मचावै रे, मनड़ो नाचै रे...
ज्यूँ-ज्यूँ फागण नेड़ो आवे, शोर मचावै रे,  मनड़ो नाचै रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



फागण के महीना म जास्यां, खाटू के मेला म रे...
बाबो  म्हारो  हेलो मारै, सुपणों  आवै रे..
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



रींगस स जावंगा पैदल, ले निशान हाथां म रे...
झूम-झूम और नाच-नाच कर, भजन सुणास्यां रे.,..
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



दरबार लगावै मेला म, भगतां सुं मिलनै बाबो रे...
अरजी लिख्ल्यो दे देवंगा, करै  सुणाई रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



भगतां का भी दर्शन होशी, दरशन भाग्य जगावै रे...
भेष  बदल  भगतां  म  बाबो, 'टीकम' आवै रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



मनड़ो नाचै रे साथीड़ा, यो तो धूम मचावै रे, मनड़ो नाचै रे...
ज्यूँ-ज्यूँ फागण नेड़ो आवे, शोर मचावै रे,  मनड़ो नाचै रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!


भजन : "श्री महाबीर जी"


यह भजन राजस्थानी लोकगीत धमाल के तर्ज पर आधारित है...


श्री श्यामबाबा के इस अनुपम छवि के दर्शन "श्री श्याम मंदिर, सेवक रोड, सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल" के है...

Thursday, 3 March 2011

!! मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है... !!



श्री श्याम बाबा की असीम कृपा से आप सभी श्याम प्रेमियों को सूचित करते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि, अब झारखण्ड के मधुपुर में भी नवनिर्मित श्री श्यामबाबा के श्री मंदिर में लगेगा श्री श्यामबाबा का दरबार... इस उपलक्ष्य में दिनांक ७ मार्च २०११ से ११ मार्च २०११ तक बाबा श्याम के श्री विग्रह का प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित है... जिसमे आप सभी श्याम प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए श्री श्याम बाबा के श्री चरणों में यह अरदास करते है कि...



मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...
आना आना है प्यारा प्यारा, दरबार लगाना है...
जय श्री श्याम, जय श्री श्याम हमको झूम के गाना है...
मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...



आजा आजा स्वागत में हम, पलकों को बिछाये...
खुशबु के झोको से सारे, मंदिर को महकाये..
केशरिया केशरिया चन्दन, माथे तिलक लगाना है...
मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...



एक खाटू नगरी तेरी, दूजी हमने आज सजाई...
मन मंदिर से खाटू वाले, तेरी ज्योत जगाई...
अब तो आहिस्ता आहिस्ता, तुमसे प्रेम बढ़ाना है...
मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...



जैसा हमसे जो भी ये, बन पाया है स्वीकार करो...
भूल कोई गर हो गई हो तो, बाबा हमको माफ करो...
'लहरी' आ जाओ सांवरिया, तुमसे नैन लड़ाना है..
मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...



मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...
आना आना है प्यारा प्यारा, दरबार लगाना है...
जय श्री श्याम, जय श्री श्याम हमको झूम के गाना है...
मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!


भजन : "सुश्री उमा लहरी"


निवेदक : श्री श्याम कल्याण संघ, मधुपुर, झारखण्ड

Tuesday, 1 March 2011

!! ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे... !!




हे! इस कलिकाल में सर्वत्र पूजित खाटूपति श्री श्यामधणी आपकी लीला इस दुनिया में अपरम्पार है, इसलिए आपके भक्त आपका गुणगान करते हुए अपने ह्रदय के भावो को इसप्रकार व्यक्त करते है...




दानी तुमसा और न देखा, न ऐसी दातारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...
बिन मरजी के हिले न पत्ता, ऐसी है सरकारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...



प्रीत के जल से जिसने सींचा, उसका बाग खिला है...
ओ पूर्ण समर्पण जो कर बैठा, उसको श्याम मिला है...
कलिकाल में पूज रही है, तुझको दुनिया सारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...



क्या करना और क्या करते है, हमको होश नहीं है...
कर्म हमारे ही है उलटे, तुझको दोष नहीं है...
अपने कर्मो से ये दुनिया, दुःख संकट में हारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...



हारे हुए को आके सहारा, तुने श्याम दिया है...
'हर्ष' भंवर में अटका बेड़ा तुने पार किया है...
बिन पानी के तेरे दम में, चलती नाव हमारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...



दानी तुमसा और न देखा, न ऐसी दातारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...
बिन मरजी के हिले न पत्ता, ऐसी है सरकारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!

 

भजन  : "श्री विनोद अग्रवाल जी"

Monday, 28 February 2011

!! जय जय जय श्री बाबा श्याम, पूरण काम बनाने वाले... !!



हे! खाटूनाथ प्रभु श्याम जी आपकी महिमा जगत से निराली है, इसलिए तो आपके भगत आपके चरित्र का गुणगान करते हुए अपने हृदय के ये अनुपम भाव आपके श्री चरणों में अर्पित करते हुए कहते है, कि...




जय जय जय श्री बाबा श्याम, पूरण काम बनाने वाले...
जय जय जय श्री बाबा श्याम, पूरण काम बनाने वाले...



अपने निज भगतों के काज, पल में धारयो जी अवतार...
करके दुष्टों का संहार, जग को धीर बंधाने वाले..
जय जय जय श्री बाबा श्याम, पूरण काम बनाने वाले...



मांग्यो निज मुख से जगदीश, दानी दिन्या अपणो शीश...
नारद शारद रटे फनीश, थक गये हरि गुण गाने वाले...
जय जय जय श्री बाबा श्याम, पूरण काम बनाने वाले...  



जग में थारी ज्योत प्रचण्ड, महिमा व्यापक है नौखण्ड...
खल को बार बार दो दण्ड, दुःख में प्राण बचाने वाले...
जय जय जय श्री बाबा श्याम, पूरण काम बनाने वाले... 



लोभ, काम छोड़ श्री श्याम जी का दास हो...
मुक्त हो संसार से वैकुण्ठ उसका वास हो...



सलोने श्याम की झांकी, अजब सबसे निराली है...
किशोरचंद्र की सूरत, प्रेम पिंजरे की ताली है...



समाई जिसके दिल अंदर, सलोनी सांवरी सूरत...
बना के हृदय मैं मंदिर, श्याम मूर्ति बिठा ली है...



जय जय जय श्री बाबा श्याम, पूरण काम बनाने वाले...
जय जय जय श्री बाबा श्याम, पूरण काम बनाने वाले...



लगाये रोज हृदय में श्री श्याम की झांकी...
करे नित आरती खुश हो, चरण में प्रेम लाती है...



करोड़ो तर गये पापी, प्रभु के दर्शन करने से...
भिखारी माँगनियो भी है, चरण कमलों की थाली है...



कलयुग केवल श्याम की महिमा है नौखण्ड...
भगतों की रक्षा करे, दुष्टों को दे दण्ड..  



जय जय जय श्री बाबा श्याम, पूरण काम बनाने वाले...
जय जय जय श्री बाबा श्याम, पूरण काम बनाने वाले...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!




भाव की रचियता : "श्रीमती आनंदी शारदा माता जी"

Friday, 25 February 2011

!! सच्चे दिल से श्याम पुकारो, रुक नही पायेगा... !!




भगवान सर्व समर्थ होते हुए भी अपने निज भक्तों से दूर होने में असमर्थ है... इसलिए जब कोई भक्त अपने आराध्य, अपने इष्ट को सच्चे मन से उनका नाम लेकर पुकारता है, तो भगवन अपने आप को रोक नही पाते और अपने भक्त के पास उसे गले लगाने दौड़े चले आते है... इसलिए कहते है, कि...




बाबा आयेगा, मेरा बाबा आयेगा...
बाबा आयेगा, मेरा  बाबा आयेगा...
सच्चे दिल से श्याम पुकारो, रुक नही पायेगा...
सच्चे दिल से श्याम पुकारो, रुक नही पायेगा...
बाबा आयेगा, मेरा बाबा आयेगा...



वो दिन भी आयेगा, श्याम जब आयेगा...
दीन बंधू हम पर, दया बरसायेगा...
कलयुग का अवतार श्याम, हमें गले लगायेगा...
सच्चे दिल से श्याम पुकारो, रुक नही पायेगा...
बाबा आयेगा, मेरा बाबा आयेगा...



ये अपने भक्तों के, नही दुःख देख सके..
ये उनसे मिलने से, न खुद को रोक सके...
दुःख का साथी श्यामबाबा, साथ निभायेगा...
सच्चे दिल से श्याम पुकारो, रुक नही पायेगा...
बाबा आयेगा, मेरा बाबा आयेगा...



सहारा बनता है, हारने वालो का..
मुकद्दर बनता है, मानने वालो का...
'शिब' हारे के साथी का, जयकार लगायेगा...
सच्चे दिल से श्याम पुकारो, रुक नही पायेगा...
बाबा आयेगा, मेरा बाबा आयेगा...



बाबा आयेगा, मेरा बाबा आयेगा...
बाबा आयेगा, मेरा बाबा आयेगा...
सच्चे दिल से श्याम पुकारो, रुक नही पायेगा...
सच्चे दिल से श्याम पुकारो, रुक नही पायेगा...
बाबा आयेगा, मेरा बाबा आयेगा...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!


भजन : "श्री शिब अग्रवाल जी"
श्री श्याम बाबा के ये अनुपम दर्शन "श्री श्याम मंदिर, गैंगेज गार्डन, शिबपुर, हावड़ा" के है...

Monday, 21 February 2011

!! बैठ्यो सांवरियों मंदिर म प्रीत का तीर चलावे ह... !!




म्हारा सुन्दर सलोना साँवरिया श्यामबिहारी जी री शोभा ही जग सु न्यारी ह... श्री मंदिर में बैठ्या म्हारा साँवरिया सरकार अपने निज भगतां क ऊपर प्रीत रा तीर चला चला कर निज प्रेम म घायल कर देवे ह और फिर सारा भगतां हिल मिल अपने साँवरिया बाबा श्यामधणी स यु कहवे है...



बैठ्यो सांवरियों मंदिर म प्रीत का तीर चलावे ह, बैठ्यो सांवरियों...
ओ हो, बैठ्यो सांवरियों मंदिर म प्रीत का तीर चलावे ह, बैठ्यो सांवरियों...
तीर चलावे ह, बाबो तीर चलावे ह,  बैठ्यो सांवरियों...



सीधो साधो, भोलो लागे, पहल्याँ श्याम हमारो जी...
मीठी सी मुस्कान दिखा यो, जी उलझावे ह,  बैठ्यो सांवरियों...
बैठ्यो सांवरियों मंदिर म प्रीत का तीर चलावे ह, बैठ्यो सांवरियों...



नित नया रूप दिखावे बाबो, पक्को जादुगारो जी...
मन को मौजी सांवरियों म्हाने, घणों छ्कावे ह,  बैठ्यो सांवरियों... 
बैठ्यो सांवरियों मंदिर म प्रीत का तीर चलावे ह, बैठ्यो सांवरियों...



जंच जासी तो बात करे यो, वरना रुख नही जोड़े जी...
छोटी- छोटी बातां पर भी, यो इतरावे ह, बैठ्यो सांवरियों... 
बैठ्यो सांवरियों मंदिर म प्रीत का तीर चलावे ह, बैठ्यो सांवरियों...



प्रेम जगाकर यु छिटकाणो, श्याम समझ नही आवे जी...
'नंदू'  हेत श्याम जद जाग्यो, क्यूँ तरसावे ह, बैठ्यो सांवरियों... 
बैठ्यो सांवरियों मंदिर म प्रीत का तीर चलावे ह, बैठ्यो सांवरियों...



बैठ्यो सांवरियों मंदिर म प्रीत का तीर चलावे ह, बैठ्यो सांवरियों...
ओ हो, बैठ्यो सांवरियों मंदिर म प्रीत का तीर चलावे ह, बैठ्यो सांवरियों...
तीर चलावे ह, बाबो तीर चलावे ह,  बैठ्यो सांवरियों...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री नंदू जी"


श्री श्यामबाबा के श्री चरणों में समर्पित यह अनुपम भाव राजस्थानी लोक गीत "धमाल" के तर्ज़ पर आधारित है...


श्री श्याम बाबा के यह अनुपम दर्शन ओडिशा प्रांत के भटली धाम के है, जहाँ बाबा श्यामधणी अपने आलौकिक बालरूप में विराजित हो अपने भगतों को दर्शन देते है....


बाबा श्याम के भटली धाम के श्री मंदिर के बारे में जानने के लिये आप सभी नीचे दिये गयी लिंक पर क्लिक कर सकते है...
 


!! जय श्री श्याम  !!

Sunday, 20 February 2011

!! अरदास हमारी है, आधार तुम्हारा है... !!




हे कलिकाल में सर्वत्र पूजित देव श्री श्यामधणी, आपको बारम्बार प्रणाम है...


हे माता मोरवी की कोख के राजहंस भगवन्, आपको बारम्बार प्रणाम है


हे श्री कृष्णजी के उपदेश से गुप्तक्षेत्र में देवियों की आराधना से अतुलित बल पाने वाले देव, आपको बारम्बार प्रणाम है...


हे हारे के सहारे, अपने समस्त भक्तों के परम प्रिय, एक मात्र जीवन आधार, आपको बारम्बार प्रणाम है...


हे इष्टदेव, कुलदेव श्री श्यामबाबा, आपके श्री चरणों में हमारा कोटि कोटि प्रणाम है...





अरदास हमारी है, आधार तुम्हारा है...
स्वीकार करो बाबा, प्रणाम हमारा है...
अरदास हमारी है, आधार तुम्हारा है...
स्वीकार करो बाबा, प्रणाम हमारा है...



नयनों में रमे हो तुम, मेरे दिल में बसे हो तुम...
तुम्हे पल भी ना बिसराऊ, इस तन में रंगे हो तुम...
मत मुझसे बिछड़ जाना, ये दास तुम्हारा है...
स्वीकार करो बाबा, प्रणाम हमारा है...



अरदास हमारी है, आधार तुम्हारा है...
स्वीकार करो बाबा, प्रणाम हमारा है...



अरजी स्वीकार करो, भवसागर पार करो...
सिर हाथ फिरा करके, मेरा उद्धार करो...
गिरते को उठाना तो, बाबा काम तुम्हारा है...
स्वीकार करो बाबा, प्रणाम हमारा है...



अरदास हमारी है, आधार तुम्हारा है...
स्वीकार करो बाबा, प्रणाम हमारा है...



कहते है तेरे दर पर, तक़दीर संवरती है...
जो डूबने वाली हो, वो नाव उबरती है...
दर दर पे भटकता हूं, तक़दीर का मारा हूं...
स्वीकार करो बाबा, प्रणाम हमारा है...



अरदास हमारी है, आधार तुम्हारा है...
स्वीकार करो बाबा, प्रणाम हमारा है...
अरदास हमारी है, आधार तुम्हारा है...
स्वीकार करो बाबा, प्रणाम हमारा है...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!




श्री श्यामधणी की यह अनुपम छवि "श्री श्याम सेवक कल्याण संघ, श्री गंगानगर, राजस्थान" के श्री श्याम महोत्सव की है... 
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