/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Friday, 11 March 2011

!! चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस... !!



निकल पड़ा है श्री श्यामभक्तो का जत्था खाटूधाम की ओर बाबा श्यामधणी को अर्पण करने के लिए निशान... पूरी होगी सबकी आस बस लगा लो बाबा श्याम के श्री चरणों में प्रेम से ध्यान...



हाथों में ले श्याम ध्वजा, मन में ले विश्वास...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



प्रथम वंदना गनपत की, ज्योति दीप जगाकर...
सफल रहेगी तेरी यात्रा, चलना उन्हें मनाकर...
देवों में सिरमौर गजानन्द, रखते सबकी लाज...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



हाथों में ले श्याम ध्वजा, मन में ले विश्वास...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



नमन करो तुम गुरुदेव को, याद करो शिव भोले को...
माँ से आज्ञा लेकर चलना, साथ अंजनी लाले को...
ध्वजा शिखर पर बाला होंगे, आये न विपदा पास...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



हाथों में ले श्याम ध्वजा, मन में ले विश्वास...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



ध्वजा लहराते नंगे पाँवों, रींगस से तुम जाना...
जयकारा लगाते जाना,  गीत श्याम के गाना...
मंदिर ऊपर धवजा फहराकर, 'टीकम' लेना सांस...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



हाथों में ले श्याम ध्वजा, मन में ले विश्वास...
चलो चले हम खाटूधाम, पूरी होगी आस...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!



भजन : श्री महाबीर जी

Wednesday, 9 March 2011

!! म्हे तो होली खेलन आवंगा थारे संग, म्हारा साँवरिया... !!




यह वह फागण का पुनीत महीना है, जिसके आने की प्रतीक्षा प्रत्येक श्याम प्रेमी का ह्रदय श्री खाटू धाम में विराजित श्री श्यामधणी के दर्शन एवं उनके साथ होलिकोत्सव मनाने के लिए अवश्य करता है... और ऐसी शुभ अवसर के आगमन पर प्रभु श्याम की भक्ति एवं प्रेम के रंग में रंगे प्रत्येक भक्त का अंग अंग, चंग की धुन में नाचते कूदते एवं पूर्ण प्रफुल्लित मन से  इस प्रकार साँवरिया श्याम धणी से अपने ह्रदय के भाव व्यक्त करता है...




म्हे तो होली खेलन आवंगा थारे संग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ श्याम जी रो द्वार, लागे सपना रो संसार...
ओ श्याम जी रो द्वार, लागे सपना रो संसार...
जठे जगमग जीवनी सुंगंध, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ बाजे ह झंकार, देखो खाटू के दरबार...
ओ बाजे ह झंकार, देखो खाटू के दरबार...
बाजे ढोल, नगाड़ा और चंग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ चन्दनिया री शान, लहरें केशरिया निशान...
ओ चन्दनिया री शान, लहरें केशरिया निशान...
लागे भगतां रो मेलो और मलंग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ मीठो मीठो नाम, म्हारा खाटू वाला श्याम को...
ओ मीठो मीठो नाम, म्हारा खाटू वाला श्याम को...
नाचे प्रेम में मगन अंग-अंग, म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



ओ थारी महिमा ह विशाल, गुण गावे ह 'गोपाल'...
ओ  थारी महिमा ह विशाल, गुण गावे ह 'गोपाल'...
ल्याया ल्याया थारा भगता भक्ति रंग, म्हारा साँवरिया....
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



म्हे तो होली खेलन आवंगा, थारे संग म्हारा साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...
थारी  भक्ति री चढ़ी ह तरंग, म्हारा  साँवरिया...
आयो आयो फागणियो... ओ आयो आयो फागणियो...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री श्रीगोपाल जी"

Tuesday, 8 March 2011

!! पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी... !!




प्रत्येक वर्ष फाल्गुण मास में सभी श्याम प्रेमी अपने आराध्य,  परम दयालु  श्री श्यामप्रभु को अपने मानस पटल पर विराजित करके एवं सुमधुर एवं भावपूर्ण भजन- कीर्तन में स्वयं को श्याममय करते हुए,  अपने अपने शहरों से श्री श्यामधणी खाटूवाले का पवित्र निशान (ध्वजा) पैदल चलकर खाटू धाम के श्री मंदिर में बहुत ही श्रद्धा और समर्पण भाव से अर्पित करते है... अब फिर से फाल्गुण का यह पुनीत महीना आ चुका है... और अपने अंतर्मन में श्री श्याम दर्शन की चाह लिए, सभी श्याम प्रेमी अपने आराध्य श्री  श्याम बाबा से पूर्ण हर्षोल्लास के साथ अपने ह्रदय के ये सुन्दर भाव इस प्रकार व्यक्त करते है...





पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
खोल तेरो दरवाजो बाबा, खोल तेरो दरवाजो बाबा, भजन सुणास्यां जी...
पैदल आस्यां जी...



ओ हो पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
ओ हो पैदल आस्यां जी बाबा जी थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...



घणां दिनां सु चाव लाग रहयो, थारा दर्शन करस्यां जी...
घणां दिनां सु चाव लाग रहयो, थारा दर्शन करस्यां जी...
श्यामधणी थे महर करो, सालुना आस्यां जी, पैदल आस्यां जी...



ओ हो पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
खोल तेरो दरवाजो बाबा, खोल तेरो दरवाजो बाबा, भजन सुणास्यां जी...
पैदल आस्यां जी...



खाटू वाले खारड़े का, संगमरमर का गेला जी...
खाटू वाले खारड़े का, संगमरमर का गेला जी...
म्हारो मनरो माने कोणी, दर्शन करस्यां जी, पैदल आस्यां जी...



ओ हो पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
खोल तेरो दरवाजो बाबा, खोल तेरो दरवाजो बाबा, भजन सुणास्यां जी...
पैदल आस्यां जी...



भक्तां री मंडली के सागे बाबा, नाचता कूदता आस्यां जी...
भक्तां   री मंडली के सागे बाबा, नाचता कूदता आस्यां जी...
टाबरिया की लाज राखज्यो, भजन सुणास्यां जी, पैदल आस्यां जी...



ओ हो पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
खोल तेरो दरवाजो बाबा, खोल तेरो दरवाजो बाबा, भजन सुणास्यां जी...
पैदल आस्यां जी...



भगतां न भी ल्यास्यां सागे, घर का न भी ल्यास्यां जी...
भगतां न भी ल्यास्यां सागे, घर का न भी ल्यास्यां जी...
कहे 'बनवारी' रंग बिरंगी, ध्वजा चढ़ास्यां जी, पैदल आस्यां जी...



ओ हो पैदल आस्यां ओ साँवरिया थारी खाटू नगरी, पैदल आस्यां जी...
खोल तेरो दरवाजो बाबा, खोल तेरो दरवाजो बाबा, भजन सुणास्यां जी...
पैदल आस्यां जी...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री जयशंकर चौधरी जी"


बाबा श्यामधणी को समर्पित यह सुन्दर भाव राजस्थानी लोकगीत 'धमाल' के तर्ज़ पर आधारित है...

Monday, 7 March 2011

!! हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे... !!




फागण री आ रुत म बाबा श्यामधणी स मिलवा तांई खाटू जावणीयो एक श्याम प्रेमी आपरे साथीड़ा ने यु कहवे ह....




हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
श्याम बुलायो, श्याम बुलायो, श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे... हेलो आयो रे...



खाटू की नगरी म, बाबा श्यामधणी को ठीडो रे...
खाटू की नगरी म, बाबा श्यामधणी को ठीडो रे...
ज्याँसु मिलने की खातिर, यो मनड़ो ललचायो रे...
हेलो आयो रे...



हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
श्याम बुलायो, श्याम बुलायो, श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे...



फागणिये म भोत जोर को, मेलो श्याम को लागे रे...
फागणिये म भोत जोर को, मेलो श्याम को लागे रे...
श्याम ध्वजा ले रींगस स थे, पैदल जाज्यो रे...
हेलो आयो रे...



हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
श्याम बुलायो, श्याम बुलायो, श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे...



म्हारा बाबा सो दिलेर सेठ कोई, ई जग में न दिखे रे...
म्हारा बाबा सो दिलेर सेठ कोई, ई जग में न दिखे रे...
जो दो मीठी मीठी बातां स, काम  बनावे रे...
हेलो आयो रे...



हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
श्याम बुलायो, श्याम बुलायो, श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे...



ज्यूँ ज्यूँ फागण नीड़े आवे, मनड़ो धीर गंवावे रे...
ज्यूँ ज्यूँ फागण नीड़े आवे, मनड़ो धीर गंवावे रे...
श्यामधणी स मिलने तांई, जी उकलावे रे...
हेलो आयो रे...



हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे साथीड़ा, बाबो श्याम बुलायो रे...
श्याम बुलायो, श्याम बुलायो, श्याम बुलायो रे...
हेलो आयो रे... हेलो आयो रे...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!


Saturday, 5 March 2011

!! मनड़ो नाचै रे साथीड़ा, यो तो धूम मचावै रे... !!




फागण का परम पुनीत महीना आता है, और लाता है अपने साथ सभी श्याम प्रेमियों के लिए ढेर सारी उमंगे... उमंग ऐसी, जिसके वशीभूत हो प्रत्येक श्याम प्रेमी का ह्रदय मचल उठता है, जाने के लिए खाटू धाम की ओर अपने परम आराध्य श्री श्यामधणी  से मिलने के लिए... ऐसे  में एक श्याम प्रेमी अन्य श्यामप्रेमी से पूर्ण हर्षोल्लास के साथ इस प्रकार अपने ह्रदय के भाव की अभिव्यक्ति करता है... 




मनड़ो नाचै रे साथीड़ा, यो तो धूम मचावै रे, मनड़ो नाचै रे...
ज्यूँ-ज्यूँ फागण नेड़ो आवे, शोर मचावै रे,  मनड़ो नाचै रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



फागण के महीना म जास्यां, खाटू के मेला म रे...
बाबो  म्हारो  हेलो मारै, सुपणों  आवै रे..
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



रींगस स जावंगा पैदल, ले निशान हाथां म रे...
झूम-झूम और नाच-नाच कर, भजन सुणास्यां रे.,..
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



दरबार लगावै मेला म, भगतां सुं मिलनै बाबो रे...
अरजी लिख्ल्यो दे देवंगा, करै  सुणाई रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



भगतां का भी दर्शन होशी, दरशन भाग्य जगावै रे...
भेष  बदल  भगतां  म  बाबो, 'टीकम' आवै रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



मनड़ो नाचै रे साथीड़ा, यो तो धूम मचावै रे, मनड़ो नाचै रे...
ज्यूँ-ज्यूँ फागण नेड़ो आवे, शोर मचावै रे,  मनड़ो नाचै रे...
ओ हो मनड़ो नाचै रे...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!


भजन : "श्री महाबीर जी"


यह भजन राजस्थानी लोकगीत धमाल के तर्ज पर आधारित है...


श्री श्यामबाबा के इस अनुपम छवि के दर्शन "श्री श्याम मंदिर, सेवक रोड, सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल" के है...

Thursday, 3 March 2011

!! मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है... !!



श्री श्याम बाबा की असीम कृपा से आप सभी श्याम प्रेमियों को सूचित करते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि, अब झारखण्ड के मधुपुर में भी नवनिर्मित श्री श्यामबाबा के श्री मंदिर में लगेगा श्री श्यामबाबा का दरबार... इस उपलक्ष्य में दिनांक ७ मार्च २०११ से ११ मार्च २०११ तक बाबा श्याम के श्री विग्रह का प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित है... जिसमे आप सभी श्याम प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए श्री श्याम बाबा के श्री चरणों में यह अरदास करते है कि...



मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...
आना आना है प्यारा प्यारा, दरबार लगाना है...
जय श्री श्याम, जय श्री श्याम हमको झूम के गाना है...
मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...



आजा आजा स्वागत में हम, पलकों को बिछाये...
खुशबु के झोको से सारे, मंदिर को महकाये..
केशरिया केशरिया चन्दन, माथे तिलक लगाना है...
मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...



एक खाटू नगरी तेरी, दूजी हमने आज सजाई...
मन मंदिर से खाटू वाले, तेरी ज्योत जगाई...
अब तो आहिस्ता आहिस्ता, तुमसे प्रेम बढ़ाना है...
मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...



जैसा हमसे जो भी ये, बन पाया है स्वीकार करो...
भूल कोई गर हो गई हो तो, बाबा हमको माफ करो...
'लहरी' आ जाओ सांवरिया, तुमसे नैन लड़ाना है..
मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...



मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...
आना आना है प्यारा प्यारा, दरबार लगाना है...
जय श्री श्याम, जय श्री श्याम हमको झूम के गाना है...
मंदिर बन गया प्यारा प्यारा, बाबा तुमको आना है...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!


भजन : "सुश्री उमा लहरी"


निवेदक : श्री श्याम कल्याण संघ, मधुपुर, झारखण्ड

Tuesday, 1 March 2011

!! ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे... !!




हे! इस कलिकाल में सर्वत्र पूजित खाटूपति श्री श्यामधणी आपकी लीला इस दुनिया में अपरम्पार है, इसलिए आपके भक्त आपका गुणगान करते हुए अपने ह्रदय के भावो को इसप्रकार व्यक्त करते है...




दानी तुमसा और न देखा, न ऐसी दातारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...
बिन मरजी के हिले न पत्ता, ऐसी है सरकारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...



प्रीत के जल से जिसने सींचा, उसका बाग खिला है...
ओ पूर्ण समर्पण जो कर बैठा, उसको श्याम मिला है...
कलिकाल में पूज रही है, तुझको दुनिया सारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...



क्या करना और क्या करते है, हमको होश नहीं है...
कर्म हमारे ही है उलटे, तुझको दोष नहीं है...
अपने कर्मो से ये दुनिया, दुःख संकट में हारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...



हारे हुए को आके सहारा, तुने श्याम दिया है...
'हर्ष' भंवर में अटका बेड़ा तुने पार किया है...
बिन पानी के तेरे दम में, चलती नाव हमारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...



दानी तुमसा और न देखा, न ऐसी दातारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...
बिन मरजी के हिले न पत्ता, ऐसी है सरकारी रे...
ओ श्याम तेरी लीला है, दुनिया से न्यारी रे...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!

 

भजन  : "श्री विनोद अग्रवाल जी"
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...