/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Wednesday, 26 January 2011

!! थारी बोले जय जयकार, म्हारा श्यामधणी... !!


ओ म्हारा श्यामधणी, थारा द्वारा पर खड्या थारा टाबरिया थारे सु या अरज करे ह कि....


म्हारे हिवड़े री सुणज्यो पुकार, बाबा श्यामधणी...
थारा गुण गावां बारम्बार, म्हारा श्यामधणी...



भवन बण्यो थारो सोवणों, भगतां को मन मोवणों...
थारे बजे नगाड़ा द्वार, म्हारा श्यामधणी...



फाल्गुण सुदी ग्यारस ने, भगतां आवे थारे कने...
कोई देखण योग बहार, म्हारा श्यामधणी...



खाटू वाला श्याम जी, टाबरिया न मत भुलज्यो जी...
म्हाने थारो ही आधार, म्हारा श्यामधणी...



थारी म्हाने आस घणी,  सुणज्यो बाबा श्यामधणी...
थाणे ध्यावे यो संसार, म्हारा श्यामधणी...



करे कोई जो ध्यावना, पूरो मन की कामना...
थे तो करुणा रा भण्डार, म्हारा श्यामधणी...



बाबा थे ही मन की जाणो, थारे सु कांई छाणों...
थारी महिमा ह अपरम्पार, म्हारा श्यामधणी...



दास जान कृपा करज्यो, भगतां ने थे दर्शन दीज्यो...
गावे 'ताराचंद' हर बार, म्हारा श्यामधणी...



थारी बोले जय जयकार, म्हारा श्यामधणी...
थारी बोले जय जयकार, म्हारा श्यामधणी...




!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!
 भाव के रचियता : "स्व: श्री ताराचंद जी शर्मा"

 श्री श्याम बाबा का यह अनुपम दरबार की छवि  श्री साईं दर्शन मंदिर, मलाड, मुंबई की है...

Sunday, 23 January 2011

!! मेरे श्यामधणी का द्वारा, है सच्चा दरबार... !!



भक्तशिरोमणि, श्यामलीन श्री आलूसिंह जी महाराज सैदव यही कहा करते थे, कि "खाटूपति श्री श्यामधणी को  साँचो यो दरबार ह, जो कोई भी श्याम न भज ले वांको बेड़ो पार है..."



मेरे श्यामधणी का  द्वारा, है सच्चा दरबार...
मेरे श्यामधणी का  द्वारा, है सच्चा दरबार...
बाबा बाबा बोलिए, होगा बेड़ा पार...
बाबा बाबा बोलिए, होगा बेड़ा पार...



गम के बादल घिर जाये तो दर पे शीश झुका देना...
श्रद्धा सुमन चढ़ा के दर पे, अपनी अरजी सुना देना...
तेरी अरजी पर ओ बंदे, निश्चय ही होगा विचार...
बाबा बाबा बोलिए, होगा बेड़ा पार...
बाबा बाबा बोलिए, होगा बेड़ा पार...



इस दुनिया में डोल डोल के, कब तक युक्ति लगायेगा...
आखिर एक दिन लौट के तू तो, श्याम शरण में आएगा...
फिर क्यूँ  न अभी से ओ बंदे, तू बदल रहा व्यवहार... 
बाबा बाबा बोलिए, होगा बेड़ा पार...
बाबा बाबा बोलिए, होगा बेड़ा पार...



साँसों के तारों का नाता, जिसने श्याम से जोड़ लिया...
सुन लो भक्तो ये सच है, बाबा ने उसे मुंह माँगा दिया..
ये देव बड़ा दातरी, जाने सारा संसार...
बाबा बाबा बोलिए, होगा बेड़ा पार...
बाबा बाबा बोलिए, होगा बेड़ा पार...



मेरे श्यामधणी का  द्वारा, है सच्चा दरबार...
मेरे श्यामधणी का  द्वारा, है सच्चा दरबार...
बाबा बाबा बोलिए, होगा बेड़ा पार...
बाबा बाबा बोलिए, होगा बेड़ा पार...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!
भाव के रचियता : "अज्ञात"

Saturday, 22 January 2011

!! कईयाँ बैठी बावली सी, श्याम धणी घरां आशी... !!



आइये आज हम सभी अपने इष्टदेव, कुलदेव श्री श्यामधणी खाटूवाले की अगवानी इन सुमधुर भावों से करे...


कईयाँ बैठी बावली सी, श्याम धणी घरां आशी...
श्याम धणी घरां आशी, श्याम धणी घरां आशी...
कईयाँ बैठी बावली सी, श्याम धणी घरां आशी...
 


चिठ्ठी एक भेजी थी, म्हें श्याम ने बुलाने की...
चिठ्ठी पाछी आई, श्री श्याम क आने की...
लीला चढ़ कर आशी, लीला चढ़ कर आशी...
कईयाँ बैठी बावली सी,श्याम धणी घरां आसी..
 


श्याम धणी घरां आवागो, आता ही नहावगो...
चन्दन को लेप लगावागो,केशर तिलक करावगो...
घुंघराला लहराशी, घुंघराला लहराशी...
कईयाँ बैठी बावली सी, श्याम धणी घरां आशी..
 


केसरियो बागो पहनगो, माथै मुकुट सजावगो...
कुंडल कानां म पहनगो, मोती की माला पहनगो...
बनडो सो सज जाशी, बनडो सो सज जाशी...
कईयाँ बैठी बावली सी,श्याम धणी घरां आशी...
 


गजरो फुलां को बनवाले, श्री श्याम न पहनावगां...
झूलो फुलां को बनवाले, श्री श्याम न झुलावगां...
इत्तर खूब लगाशी, इत्तर खूब लगाशी...
कईयाँ बैठी बावली सी,श्याम धणी घरां आसी..
 


हो जा तूं तैयार, श्री श्याम की अगवानी म...
छप्पन भोग बनवाले, घालैगां मिजवानी म...
दो मीठा पान खाशी, दो मीठा पान खाशी...
कईयाँ बैठी बावली सी,श्याम धणी घरां आशी...
 


लीला की खातीर, चणा. की दाल भिजाजे... 
घुंघरू की जोड़ी बाँध, लीला न नचाजे...
"टीकम" भजनां सूं रिझाशी, भजनां सूं रिझाशी...
कईयाँ बैठी बावली सी, श्याम धणी घरां आशी...




कईयाँ बैठी बावली सी, श्याम धणी घरां आशी...
श्याम धणी घरां आशी, श्याम धणी घरां आशी...
कईयाँ बैठी बावली सी, श्याम धणी घरां आशी...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!
भजन : "श्री महबीर जी"

श्री श्याम बाबा की यह अनुपम झांकी की छवि  कटिहार, बिहार में आयोजित  "श्री श्याम महोत्सव" की है...

Friday, 21 January 2011

!! ज्योत जगाई थारी प्रेम सु जी बाबा... !!



श्री श्यामधणी की ज्योत की महिमा बहुत ही निराली है... सभी श्री श्याम भक्त अपने अपने इष्ट मित्रों के संग प्रत्येक मास की च्यानणी ग्यारस को खाटूवाले श्री श्यामधणी की ज्योत जगाकर बारस को धोक लगाते है... आज श्री श्याम धणी की पौष शुक्ल की एकादशी है, आज हमने भी बाबा श्याम की ज्योत प्रेम से जगाई है, एवं श्री श्याम बाबा से अरदास लगाई है, कि...


ज्योत जगाई थारी प्रेम सु जी बाबा...
ज्योत जगाई थारी प्रेम सु जी बाबा...
भगतां रै मन उछाव राज, बेगा पधारो जी...




कैं विध करां थारी बंदगी जी बाबा...
कैं विध करां थारी बंदगी जी बाबा...
कैं विध करां मनुहार राज, बेगा पधारो जी...




चौक पुरायो नयना नीर सै जी बाबा...
चौक पुरायो नयना नीर सै जी बाबा...
मन आसन बन आयो राज, बेगा पधारो जी...



खाटू म थारो देवरो जी बाबा...
खाटू म थारो देवरो जी बाबा...
लीले रा असवार राज, बेगा पधारो जी...



भजन भाव की भेंट है जी बाबा...
भजन भाव की भेंट है जी बाबा...
थारो दियोड़ो वरदान राज, बेगा पधारो जी...



रुत मिलण की साकड़ी जी बाबा...
रुत मिलण की साकड़ी जी बाबा...
'नंदू' ह विश्वास राज, बेगा पधारो जी...



ज्योत जगाई थारी प्रेम सु जी बाबा...
ज्योत जगाई थारी प्रेम सु जी बाबा...
भगतां रै मन उछाव राज, बेगा पधारो जी...


!! खाटू नरेश की जय !!
!! तीन बाणधारी की जय !!
 !! श्री श्याम बाबा की जय !!
!! लीले के असवार की जय !!
!! साँवरा मोटा धणी की जय !!
!! मोरवीनंदन श्यामबिहारी की जय !!
इस अतिसुन्दर भाव के रचियता "श्री नंदू जी" है... यह भाव राजस्थानी लोक गीत "लहैरीयो" के तर्ज़ पर आधारित है...

Saturday, 15 January 2011

!! आओ मिलकर श्याम प्रभु की, जय जयकार लगाये... !!



आइये आज हम सभी श्याम प्रेमी मिलकर सरल एवं निश्छल हृदय से श्री श्याम प्रभु की जय जयकार लगाकर, बाबा श्याम के कृपा पात्र बने एवं उनको रिझाये...



जयकरा श्री श्याम का, बोलो सब नर- नार...
जयकारे की गुंज से, राजी लखदातार...


श्यामबाबा की जयकार, बोलो जी बोलो..
लीले वाले की जयकार, बोलो जी बोलो...
खाटू वाले की जयकार, बोलो जी बोलो...




आओ मिलकर श्याम प्रभु की, जय जयकार लगाये...
आओ मिलकर श्याम प्रभु की, जय जयकार लगाये...
पाप बसे जो मन में हमारे, उनको दूर भगाये...
जय जयकार लगाये, जय जयकार लगाये...



खाटू वाला श्याम हमारा, भोला भाला प्यारा...
भगतों के सुख दुःख का साथी, कुल का देव हमारा...
अपने भगतों की श्याम बाबा, पीड़ा सदा मिटाये...
जय जयकार लगाये, जय जयकार लगाये...



कलयुग में अवतार लिया, वरदान कृष्ण से पाया...
जिसका कोई नहीं जगत में, उसका साथ निभाया...
हारे का ही साथ सदा, ये बाबा मेरा निभाये...
जय जयकार लगाये, जय जयकार लगाये...



एक बार जो दर्शन कर ले, बार बार वो आता...
तेरे दर पे कमी नहीं वो, मन की मुरादे पाता...
ऐसे दीन दयाल को बोलो, कैसे कोई बिसराये...
जय जयकार लगाये, जय जयकार लगाये...



निज तन-मन न्योछावर कर दो, श्याम प्रभु पर प्यारे...
उनकी कृपा से हो जायेंगे, तेरे वारे न्यारे...
'श्याम सुन्दर' सब मिल करके, बाबा को आज मनाये...
जय जयकार लगाये, जय जयकार लगाये...



आओ मिलकर श्याम प्रभु की जय जयकार लगाये...
आओ मिलकर श्याम प्रभु की जय जयकार लगाये...
पाप बसे जो मन में हमारे, उनको दूर भगाये...
जय जयकार लगाये, जय जयकार लगाये...



!! लखदातर की जय !!
!! खाटू नरेश की जय !!
!! हारे के सहारे की जय !!
!! शीश के दानी की जय !!
!! तीन बाण धारी की जय !!
!! म्हारा श्यामधणी की जय !!
!! मोरवीनंदन बाबा श्याम की जय !!


!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!
भजन : "श्री श्याम सुन्दर जी"

Thursday, 13 January 2011

!! सर पे मेरे हाथ हो, श्याम तुम्हारा,श्याम तुम्हारा... !!



हे खाटू वाले श्यामधणी, हम सभी की दिल की बस यही एक तमन्ना है, कि...


सर पे मेरे हाथ हो, श्याम तुम्हारा, श्याम तुम्हारा...
आऊँ दर पे निश दिन तेरे, पाऊँ दरश तुम्हारा...
सर पे मेरे हाथ हो, श्याम तुम्हारा, श्याम तुम्हारा...



तुमसे जीवन पाया, जीवन यूँ ही गंवाया...
नाम सांवरा तेरा, होठो पे नहीं आया...
विपदा ने जब डाला डेरा, तेरा नाम उचारा...
सर पे मेरे हाथ हो, श्याम तुम्हारा,श्याम तुम्हारा...



विपदा का तूं साथी, कहता है जग सारा...
तुमसे जीवन बी बाती, है जग में उजियारा...
ताल-समंदर रूप तुम्हारा, तुमसे चाँद सितारा...
सर पे मेरे हाथ हो, श्याम तुम्हारा,श्याम तुम्हारा...



घट-घट में है समाया, नज़र मुझे नहीं आया...
तेरी सारी माया, माया में भरमाया...
तोडके रिश्ता "टीकम" सारा, तुमको श्याम पुकारा...
सर पे मेरे हाथ हो,श्याम तुम्हारा,श्याम तुम्हारा...



सर पे मेरे हाथ हो, श्याम तुम्हारा, श्याम तुम्हारा...
आऊँ दर पे निश दिन तेरे, पाऊँ दरश तुम्हारा...
सर पे मेरे हाथ हो, श्याम तुम्हारा, श्याम तुम्हारा...




!! ॐ श्री श्याम देवाय नमः !!


!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!
                                                               भजन : "श्री महाबीर जी"

बाबा श्यामधणी खाटू वाले की यह अनुपम श्री विग्रह की छवि "श्री श्याम मंदिर, गोपाल नगर, नजफ़गढ़, दिल्ली " की है...

Tuesday, 11 January 2011

!! कर दे कृपा कुछ ऐसी, ओ खाटू वाले श्याम... !!


!! ॐ श्री श्याम देवाय नमः !!


श्री श्यामधणी खाटूवाले, लीले के असवार, लखदातार की करुण कृपा प्राप्ति की आस लगाये इस दास की प्रिय प्रभु से यही एक करवद्ध अरदास है, कि


कर दे कृपा कुछ ऐसी, ओ खाटू वाले श्याम...
हर जनम गुण तेरे मैं गाता रहूँ...
आये आंधी तूफां चाहे लाख, ओ लखदातार...
उम्र भर तेरे चौखट पे आता रहूँ...




कर दे कृपा कुछ ऐसी, ओ खाटू वाले श्याम...
कर दे कृपा कुछ ऐसी...




धन दौलत ना माँगू, ना माँगू चांदी और सोना...
खिले तेरे मन मंदिर में, एक छोटा सा कोना...
रख ले शरण में अपनी, ओ जग के पालनहार...
शीश दरबार में मै झुकाता रहूँ...




कर दे कृपा कुछ ऐसी, ओ खाटू वाले श्याम...
कर दे कृपा कुछ ऐसी...




स्वामी और सेवक का जग में, है निर्मल नाता...
दीनों और दुखिया का हर पल, तू ही साथ निभाता...
पार लगा मेरी नैया, ओ भव के तारणहार...
तेरे चरणों की सेवा बजाता रहूँ...




कर दे कृपा कुछ ऐसी, ओ खाटू वाले श्याम...
कर दे कृपा कुछ ऐसी...




तुम ही मात-पिता हो और भ्रात-सखा मेरे...
जपता रहूँ बस नाम तेरा, मै तो साँझ सवेरे...
बिगड़ी बात बना दे, ओ लीले के असवार...
दीप खुशियों के हर दम जलाता रहूँ...




कर दे कृपा कुछ ऐसी, ओ खाटू वाले श्याम...
कर दे कृपा कुछ ऐसी...




सुख-दुःख और संकट में "अमन" ये, है सच्चा साथी...
"ॐ श्री श्याम देवाय" जपे से सब खुशियाँ आती...
इस कलयुग में सबका, बस श्याम नाम आधार...
क्यूँ ना इनकी लगन मैं लगाता रहूँ...




कर दे कृपा कुछ ऐसी, ओ खाटू वाले श्याम...
कर दे कृपा कुछ ऐसी...




कर दे कृपा कुछ ऐसी, ओ खाटू वाले श्याम...
हर जनम गुण तेरे मैं गाता रहूँ...
आये आंधी तूफां चाहे लाख, ओ लखदातार...
उम्र भर तेरे चौखट पे आता रहूँ...




कर दे कृपा कुछ ऐसी, ओ खाटू वाले श्याम...
कर दे कृपा कुछ ऐसी...
कर दे कृपा कुछ ऐसी...
कर दे कृपा कुछ ऐसी...




!! ॐ श्री श्याम देवाय नमः !!



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!

भजन : "श्री अमन जी"
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