/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Wednesday, 18 May 2011

!! तेरो खूब सज्यो श्रृंगार, म्हाणे प्यारो लागे... !!



बाबा श्याम जी रो यो अनुपम श्रृंगार ने निरख निरख म्हारो मनरो झूम झूम कर यु गावे ह...



तेरो खूब सज्यो श्रृंगार, म्हाणे प्यारो लागे...
तेरो खूब सज्यो श्रृंगार, म्हाणे प्यारो लागे...
ओ श्याम तेरो दरबार, म्हाणे न्यारो लागे...
ओ बाबा तेरो दरबार, म्हाणे प्यारो लागे...



साँवली सलोनी सूरत, छवि मन भा रही...
तीखी तीखी आँख्या थारी, शोभा ने बढ़ा रही...
मेरो श्याम ह सदाबहार, म्हाणे प्यारो लागे...
तेरो खूब सज्यो श्रृंगार, म्हाणे प्यारो लागे...



ओ श्याम तेरो दरबार, म्हाणे न्यारो लागे...
ओ बाबा तेरो दरबार, म्हाणे प्यारो लागे...



सोहनो सो बागों तन पे, जँचा जँचा पहरायो ह...
सोना, चांदी, हीरा, मोती सु, मोकलो सजायो ह...
फुलड़ा को एक एक हार, म्हाणे प्यारो लागे...
तेरो खूब सज्यो श्रृंगार, म्हाणे प्यारो लागे...



ओ श्याम तेरो दरबार, म्हाणे न्यारो लागे...
ओ बाबा तेरो दरबार, म्हाणे प्यारो लागे...



देखे ह तू भगतां काणी, जादू सो चलावे ह...
जादू चलाके बाबा, प्यार मोकलो लुटावे ह...
तेरो बडो अनोखो प्यार, म्हाणे प्यारो लागे...
तेरो खूब सज्यो श्रृंगार, म्हाणे प्यारो लागे...



ओ श्याम तेरो दरबार, म्हाणे न्यारो लागे...
ओ बाबा तेरो दरबार, म्हाणे प्यारो लागे...



खजानों लुटावे तू तो, बडो दिलदार ह...
'बिन्नू' या ही जाने, म्हारो श्याम मजेदार ह...
भगतां की सुने पुकार, म्हाणे प्यारो लागे...
तेरो खूब सज्यो श्रृंगार, म्हाणे प्यारो लागे...



ओ श्याम तेरो दरबार, म्हाणे न्यारो लागे...
ओ बाबा तेरो दरबार, म्हाणे प्यारो लागे...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री बिनोद जी गाडोदिया"


श्री श्याम बाबा की यह अनुपम छवि दर्शन "श्री श्याम मंदिर, रींगस" की है... 


Saturday, 14 May 2011

!! ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम... !!




आज घणे भाग्य सु यो शुभ दिन आयो ह... इष्टदेव, कुलदेव बाबा श्याम जी रो कीर्तन आज म्हारे आंगणे करवाणों ह... देवा म्हे एक कुंकुम पत्री म्हारा खाटूवाला श्याम जी के नाम स... जिसमें सब मिल आ अरज करंगा म्हारा लीले वाला श्याम स... 

 


सिद्ध श्री शुभ ओपमा, थाणे पाँवा धोक प्रणाम जी...
समाचार एक बंचज्यों, थांसे भोत जरुरी काम जी...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...



घणे मान सु लिखां आज, थारो उत्सव एक मनाणों ह...
थोड़ो लिख्यो घणों समझोगा, थाणे निश्चय आणो ह...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...



सारा साथ ह घणी खुशी, थारा नित की मंगल गावे ह...
और बात सब ठीक ठीक, पण थारी याद सतावे ह...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...



टाबर थारा घणा उणामणा, थां बिन भोत उदास जी...
जीमों हो तो चलू करोला, आकर म्हारे पास जी...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...



भूल चूक सब क्षमा करो, म्हाने बेगा दर्शन दीज्यो...
दास 'बिहारी' के नैणा म, हरदम बैठ्या रीज्यो...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...



सिद्ध श्री शुभ ओपमा, थाणे पाँवा धोक प्रणाम जी...
समाचार एक बंचज्यों, थांसे भोत जरुरी काम जी...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...
ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा लीले वाला श्याम...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भाव के रचियता : "श्री बिहारी जी, वृंदावन"

Monday, 9 May 2011

!! मोरछड़ी थारे हाथां म, हीरो चमके माथा म... !!



हे इष्टदेव, कुलदेव श्री श्यामधणी, थारे द्वारे पर खड्या थारा टाबरिया थां सु आ अरज करे ह कि...


धन्य ढूंढा रो देश ह, खाटू नगर सुजान !
अनुपम छवि श्री श्याम की, दर्शन से कल्याण !!




मोरछड़ी थारे हाथां म, हीरो चमके माथा म...
मोरछड़ी थारे हाथां म, हीरो चमके माथा म...
थारे गल फुल्याँ को हार, बाबा श्यामधणी...
थारे गल फुल्याँ को हार, बाबा श्यामधणी...



नाम सुन्यो ह जद से थारो, नींदड़ली नहीं आँख्या म...
बड़ी दूर स चल कर आया, दयो दर्शन थारा भगतां ने...  
आँसू भरया म्हारी आँख्या म, नैया ह भवसागर म...
म्हारी नैया पार लगाय, बाबा श्यामधणी...



एक सहारो तेरो बाबा, म्हाने क्यूँ तरसावे ह...
कब से तेरी टेर लगावां, क्यूँ ण दरस दिखावे ह...
गले लगा तेरा ताबर ने, तेरे चरण के चाकर ने..
अब सुनले लखदातार, बाबा श्यामधणी...



म्हे तो सुनी हां बाबा थारी, महिमा अपरम्पार घणी...
क्यूँ तरसाओ बाबा जी, थारे टाबरिया ने आस घणी...
गुण गावां दिन रातां ने, भूल गया सब कामां ने...
अब नैया पार लगाओ, बाबा श्यामधणी...



'कांशीराम' कहे श्यामबिहारी, सब भगतां की टेर सुनो...
सब भगतां के संग म बाबा, म्हारे सिर पर हाथ धरो...
भजन सुनाऊ मैं थाणे, दर्शन दे दयो अब म्हाने...
थारी भक्ति दे दातार, बाबा श्यामधणी...



मोरछड़ी थारे हाथां म, हीरो चमके माथा म...
मोरछड़ी थारे हाथां म, हीरो चमके माथा म...
थारे गल फुल्याँ को हार, बाबा श्यामधणी...
थारे गल फुल्याँ को हार, बाबा श्यामधणी...


  
आप सभी इस सुमधुर भाव को नीचे दिए गए लिंक पर क्लीक कर सुन भी सकते है...





!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!




भाव के रचियता : श्यामलीन भक्तप्रवर "श्री कांशीराम जी शर्मा"

Wednesday, 4 May 2011

!! दर्शन दयो श्री श्याम तुम बिन कौन हमारा... !!




हे इष्टदेव, कुलदेव खाटूवाले श्री श्यामबिहारी, आपके श्री चरणों के सेवकजन आपसे केवल यही विनती करते है, कि...




दर्शन दयो श्री श्याम तुम बिन कौन हमारा...
दुःख दूर करो आपका है एक सहारा...
दर्शन... दर्शन... दर्शन... दर्शन...



तुमने महाभारत में अपना कौशल दिखलाया, बाबा कौशल दिखलाया...
श्री कृष्ण को दे शीश दान में ऐसा वर पाया, बाबा ऐसा वर पाया...
कलिकाल में पूजा तेरी सौभाग्य हमारा...
दुःख दूर करो आपका है एक सहारा...



दर्शन दयो श्री श्याम तुम बिन कौन हमारा...
दुःख दूर करो आपका है एक सहारा...
दर्शन... दर्शन... दर्शन... दर्शन...



मेरे ही श्याम नाम तुम, देवो के देव हो, बाबा देवो के देव हो...
जो शरण तेरी में आये, उसका पूरण काम हो, उसका पूरण काम हो...
धन, धान्य, पुत्र और पोत्र ये वरदान तुम्हारा...
दुःख दूर करो आपका है एक सहारा...



दर्शन दयो श्री श्याम तुम बिन कौन हमारा...
दुःख दूर करो आपका है एक सहारा...
दर्शन... दर्शन... दर्शन... दर्शन...



इसमें नहीं कछु भेद है, श्री कृष्ण समझावे, हाँ श्री कृष्ण समझावे...
तेरे भगत करते ध्यान बाबा श्याम कब आवे, हाँ बाबा श्याम कब आवे...
जब चूरमा कर प्रेम से, फिर ज्योत जगाता...
दुःख दूर करो आपका है एक सहारा...



दर्शन दयो श्री श्याम तुम बिन कौन हमारा...
दुःख दूर करो आपका है एक सहारा...
दर्शन... दर्शन... दर्शन... दर्शन...



हे श्याम बाबा आये है, हम शरण तुम्हारी, बाबा शरण तुम्हारी...
मेटो हमारे संकट हे श्री श्यामबिहारी, बाबा श्री श्यामबिहारी...
ऐसा देओ वरदान हो कल्याण हमारा...
दुःख दूर करो आपका है एक सहारा...



दर्शन दयो श्री श्याम तुम बिन कौन हमारा...
दुःख दूर करो आपका है एक सहारा...
दर्शन... दर्शन... दर्शन... दर्शन...



एक विनती है "मात्रदत्त" की श्याम आपसे, बाबा श्याम आपसे... 
जाणु नहीं कछु भाव भक्ति अपने विचार से, बाबा अपने विचार से...
हो नाथ कैसे पापों से छुटकारा हमारा...
दुःख दूर करो आपका है एक सहारा...



दर्शन दयो श्री श्याम तुम बिन कौन हमारा...
दुःख दूर करो आपका है एक सहारा...
दर्शन... दर्शन... दर्शन... दर्शन...



आप सभी इस सुमधुर भाव को श्री संजय मित्तल जी के स्वर में नीचे दिए गए लिंक पर क्लीक करके सुन भी सकते है...






!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय शीश के दानी, जय जय खाटू धाम !!
!! म्हे आया शरण तिहारी, शरण म अपणे लेलो श्याम !!



 भाव के रचियता : "श्री मात्रदत्त जी" 

Saturday, 30 April 2011

!! खाटू वाला मेरा बाबा श्याम... !!




सच्चे ह्रदय से भगवान को चाहने वाला मनुष्य किसी भी वर्ण, आश्रम, संप्रदाय, परिस्थिति आदि में क्यों न हो, तथा कितना भी पापी, दुराचारी क्यों न हो, वह भगवदप्राप्ति का पूर्ण अधिकारी हो जाता है... और मेरा यह पूर्ण विश्वास है, कि जिसने भी सच्चे ह्रदय से इष्टदेव, कुलदेव, हारे के सहारे श्री श्यामधणी को ध्याया है उसी ने श्री श्यामधणी का साथ पग पग पर पाया है, इसलिए तो कहते है, कि...




कोई तुमको बिसराये, तू क्यूँ घबराये...
ये पग-पग साथ निभाये, खाटू वाला मेरा बाबा श्याम...
लीले वाला मेरा बाबा श्याम...



हारे का है सहारा मेरा श्याम, कश्ती का है किनारा मेरा श्याम...
दुःखड़ो में आये यही तेरे काम, दुःखड़ो में आये यही तेरे काम...



कोई तकलीफ सताये, तू क्यूँ घबराये...
ये पल में आन मिटाये, खाटू वाला मेरा बाबा श्याम...
लीले वाला मेरा बाबा श्याम...



मांगोगे जो मिलेगा उतना, सच होगा तुम्हारा सपना...
चरणों में जाके जरा तू झुकना, चरणों में जाके जरा तू झुकना...



कोई नहीं पास बिठाये, तू  क्यूँ घबराये...
ये सिर पर हाथ फिराये,  खाटू वाला मेरा बाबा श्याम...
लीले वाला मेरा बाबा श्याम...



'हर्ष' शरण में तू आजा ईकबार, भर देगा ये तेरा तो भण्डार...
साँवरा दयालु बड़ा ही दतार, साँवरा दयालु बड़ा ही दतार...



कोई  तुमको ठुकराये,  तू  क्यूँ घबराये...
ये गले से लगाये, खाटू वाला मेरा बाबा श्याम...
लीले वाला मेरा बाबा श्याम...



कोई  तुमको बिसराये, तू क्यूँ घबराये...
ये पग-पग साथ निभाये, खाटू वाला मेरा बाबा श्याम...
लीले वाला मेरा बाबा श्याम...


खाटू वाला मेरा बाबा श्याम...
लीले वाला मेरा बाबा श्याम...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री विनोद अग्रवाल जी"

Wednesday, 27 April 2011

!! चालो खाटू म मिलेगो बाबो श्याम धणी... !!




चालो जी चालो ओ श्याम प्रेमियों, बाबा श्याम जी रा खाटू के दरबार, जठे विराजे ह श्री श्यामधणी और लुटावे ह निज भगतां पर अपणी महर घणी...



चालो खाटू म मिलेगो बाबो श्याम धणी...
चालो खाटू म मिलेगो बाबो श्याम धणी...
ओ हो चालो  खाटू म...



सुन्दर बागों सज्यो श्याम क, स्वर्ण मुकुट सिरधारी जी...
सुन्दर बागों सज्यो श्याम क, स्वर्ण मुकुट सिरधारी जी...
भगतां रा हिवड़े मांहि बासगी, हीरे री कणी...
ओ हो चालो  खाटू म...



बैठ सिंहासन न्याय चुकावे, कलयुग को अवतारी जी...
बैठ सिंहासन न्याय चुकावे, कलयुग को अवतारी जी...
दीन दुखी की भीड़ जुड़े, नित द्वारे पर घणी...
ओ हो चालो  खाटू म...



देर करे नहीं श्याम हमारो, तुरंत भगत की पीड़ हरे...
देर करे नहीं श्याम हमारो, तुरंत भगत की पीड़ हरे...
श्याम की सेवा म कर अर्पण, जिंदगानी अपणी...
ओ हो चालो  खाटू म...



एक-एक तेरे घट की जाणे, तीन बाण को धारी जी...
एक-एक तेरे घट की जाणे, तीन बाण को धारी जी...
अपणे भगत की लाज श्याम ने, आवे रखणी...
ओ हो चालो  खाटू म...



दर्शन करले झोली भरले, जो चाहे सो पा ले रे...
दर्शन करले झोली भरले, जो चाहे सो पा ले रे...
"श्यामसुन्दर" यो दानवीर, महाभारत को रणी...
ओ हो चलो खाटू म...



चालो खाटू म मिलेगो बाबो श्याम धणी...
चालो खाटू म मिलेगो बाबो श्याम धणी...
ओ हो चालो  खाटू म...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



 
भजन :  "श्री श्यामसुन्दर जी"

 
श्री श्याम बाबा जी को समर्पित यह अनुपम भाव राजस्थानी लोकगीत "धमाल" के तर्ज़  पर आधारित है...

Sunday, 24 April 2011

!! दरश दिखा दयो नि बाबा श्याम जी... !!




हे इष्टदेव, कुलदेव, खाटूपति श्री बाबा श्याम जी आज बारस की इस पुनीत बेला पर थारा सगला भगतां हिलमिल थारी ज्योत जगाई ह और थारे श्री दर्शन की चाह म  थां सूं आ अरज लगाई ह... 




ओ बाबा थारे दरश ने अँखियाँ तरसे, ओ बाबा थारे दरश स हिवड़ो हुलसे...
दरश दिखा दयो नि बाबा श्याम जी...
दरश दिखा दयो नि बाबा श्याम जी...



ओ बाबा थाणे कर अरदास बुलावां, ओ बाबा थारी ज्योति आज जगावां...
म्हारे घर आओ नि बाबा श्याम जी...
म्हारे घर आओ नि  बाबा श्याम जी...



ओ बाबा थे तो हारे रा हो सहारा, ओ मेटो थे तो भगतां रा दुःख सारा...
ओ कष्ट मिटाओ नि बाबा श्याम जी...
ओ कष्ट मिटाओ नि बाबा श्याम जी...



ओ बाबा थारी महिमा सारा गावें, ओ बाबा थारे नाम सु भव तीर जावे...
म्हाणे भी तिराओ नि बाबा श्याम जी...
म्हाणे भी तिराओ नि बाबा श्याम जी...



ओ बाबा थे तो भगतां रा रखवाला, ओ बाबा थे तो माँ मोरवी रा लाला...
बेगा बेगा आओ नि बाबा श्याम जी...
बेगा बेगा आओ नि बाबा श्याम जी...



ओ बाबा थे तो भगतां री हो आशा, बाबा थे तो सबकी दूर करो निराशा...
आश बंधाओ नि बाबा श्याम जी...
अब घरां आओ नि बाबा श्याम जी...



ओ बाबा थाणे भगतां आज मनावे, बाबा थारा चरणा म धोक लगावे... 
दर पे बुलाओ नि बाबा श्याम जी...
दर पे बुलाओ नि बाबा श्याम जी...



ओ बाबा थारे दरश ने अँखियाँ तरसे, ओ बाबा थारे दरश स हिवड़ो हुलसे...
ओ बाबा थाणे कर अरदास बुलावां, ओ बाबा थारी ज्योति आज जगावां...
म्हारे घर आओ नि बाबा श्याम जी...
दरश दिखाओ नि बाबा श्याम जी...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



श्री श्याम बाबा की यह अनुपम छवि  "श्री श्याम महोत्सव, भरतपुर, राजस्थान" की है...  
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...