/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\!! श्री गणेशाय नमः !!/\/\/\/\/\!! ૐ श्री श्याम देवाय नमः !!\/\/\/\/\!! श्री हनुमते नमः !!/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\/\

Friday, 15 April 2011

!! दिल पर तेरी ओ बाबा, तस्वीर बना ली है... !!




हे! निज प्रेमियों के प्रेमाधार हारे के सहारे श्री श्यामधणी, आपकी इस सुन्दर छवि को अपने ह्रदय में धारण करते हुये, आपके प्रेमीजन आपसे यु अपने ह्रदय की भावनाओ की अभिव्यक्ति करते है...




दिल पर तेरी ओ बाबा, तस्वीर बना ली है...
दिल पर तेरी ओ बाबा, तस्वीर बना ली है...
गुलशन है ये तुम्हारा, इसका तू ही माली है...
गुलशन है ये तुम्हारा, इसका तू ही माली है...
तस्वीर बना ली है...



मालिक मकान तू है, मेरा जहान तू है...
कहकर क्या मैं पुकारू, प्राणों का प्राण तू है...
तू ही मेरा दशहरा, और तू ही दिवाली है...
तू ही मेरा दशहरा, और तू ही दिवाली है...
तस्वीर बना ली है...



धड़कन ही बोलती है, अन्तः टटोलती है..
भावो की बात अपने, भावो से तोलती है..
कहता नहीं जुबान से, ऐसा ये सवाली है...
कहता नहीं जुबान से, ऐसा ये सवाली है...
तस्वीर बना ली है...



तुझे श्याम सब पता है, जग से क्या वास्ता है...
संसार के रचैया, सेवक की क्या खता है...
'शिव' श्यामबहादुर ने, हस्ती ही मिटा ली है...
'शिव' श्यामबहादुर ने, हस्ती ही मिटा ली है...
तस्वीर बना ली है...



दिल पर तेरी ओ बाबा, तस्वीर बना ली है...
दिल पर तेरी ओ बाबा, तस्वीर बना ली है...
गुलशन है ये तुम्हारा, इसका तू ही माली है...
गुलशन है ये तुम्हारा, इसका तू ही माली है...
तस्वीर बना ली है...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री शिवचरण जी अग्रवाल"


श्री श्याम बाबा की यह अनुपम छवि सुश्री शिप्रा बंसल जी के निज निवास की है...

Tuesday, 12 April 2011

!! करता हूँ तुम्हारा वंदन, स्वीकारो हे! मोरवीनंदन... !!




हे इष्टदेव, कुलदेव, माता मोरवी के लाल श्री श्यामधणी थारा द्वार पे बैठ्यो थारो बालकियो थारो वंदन करे ह, एवं था सु आं अरज करे है, कि




करता हूँ तुम्हारा वंदन, स्वीकारो हे! मोरवीनंदन...
करता हूँ तुम्हारा वंदन, स्वीकारो हे! मोरवीनंदन...
मझधार में मैं अटका, मुझको तारो मोरवीनंदन...
मुझको तारो मोरवीनंदन...



जय जय श्याम बाबा, जय जय श्याम बाबा...
जय जय श्याम बाबा, जय जय श्याम बाबा...



बैठा हूँ बड़ी आशा से, तुम्हारे दरबार में...
क्यों रोये तुम्हारा बेटा, इस निर्दयी संसार में...
पलटा दो मेरी भी किस्मत, उद्धार करो मोरवीनंदन...
मझधार में मैं अटका, मुझको तारो मोरवीनंदन...
मुझको तारो मोरवीनंदन...



जय जय श्याम बाबा, जय जय श्याम बाबा...
जय जय श्याम बाबा, जय जय श्याम बाबा...



मेरे लिए तो बंद है, दुनिया की सब राहे...
कल्याण मेरा हो सकता है, बाबा आप जो चाहे...
चिंता की आग से मेरा, निस्तार करो मोरवीनंदन...
मझधार में मैं अटका, मुझको तारो मोरवीनंदन...
मुझको तारो मोरवीनंदन...



जय जय श्याम बाबा, जय जय श्याम बाबा...
जय जय श्याम बाबा, जय जय श्याम बाबा...



दिल करता है तुम्हारे, चरणों से लिपट जाऊं...
गले तुम्हे लगा करके, अपना हाल सुनाऊं...
अपने करुणामयी हाथो को, सिर पे फेरो मोरवीनंदन...
मझधार में मैं अटका, मुझको तारो मोरवीनंदन...
मुझको तारो मोरवीनंदन...



जय जय श्याम बाबा, जय जय श्याम बाबा...
जय जय श्याम बाबा, जय जय श्याम बाबा...



करता हूँ तुम्हारा वंदन, स्वीकारो हे! मोरवीनंदन...
करता हूँ तुम्हारा वंदन, स्वीकारो हे! मोरवीनंदन...
मझधार में मैं अटका, मुझको तारो मोरवीनंदन...
मुझको तारो मोरवीनंदन...



जय जय श्याम बाबा, जय जय श्याम बाबा...
जय जय श्याम बाबा, जय जय श्याम बाबा...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!


Saturday, 9 April 2011

!! तेरा भगत करे तन्ने याद श्याम, तन्ने आणो पड़सी रे... !!




हे! इष्टदेव, कुलदेव श्री श्यामधणी थारा द्वार पर खड्या थारा भोला ढाला टाबरिया था सु आं अरज करे ह...



तेरा भगत करे तन्ने याद श्याम, तन्ने आणो पड़सी रे...
ओ भोला टाबरिया ने भूल्या कईया सरसी रे...
साँवरा, भोला टाबरिया ने भूल्या कईया सरसी रे...



कईया सरसी रे, कईया सरसी रे साँवरा कईया सरसी रे...
ओ भोला टाबरिया ने भूल्या कईया सरसी रे...



जद जद म्हां पे आफत आवे, नाम तेरो ही भावे...
और कोई दुःख बांटे नाहि, तू ना देर लगावे...
या आफत म्हारी मुंह बाया, टाल्या सरसी रे...
ओ भोला टाबरिया ने भूल्या कईया सरसी रे...



घणी जगह स निगह करी, म्हाने सब या ही बतलावे...
खाटू वालो श्यामधणी तो, तेरी नैया पार लगावे..
ओ लीले असवार तन्ने तो, आणो पड़सी रे...
ओ भोला टाबरिया ने भूल्या कईया सरसी रे...



डग-मग डग-मग डोले नैया, सूझे नहीं किनारों..
श्याम धणी तेरे भक्तां ने, तेरो ही एक सहारो...
दास शरण ह थारी दाता, खेणी पड़सी रे...
ओ भोला टाबरिया ने भूल्या कईया सरसी रे...



तेरा भगत करे तन्ने याद श्याम, तन्ने आणो पड़सी रे...
ओ भोला टाबरिया ने भूल्या कईया सरसी रे...
साँवरा, भोला टाबरिया ने भूल्या कईया सरसी रे...



कईया सरसी रे, कईया सरसी रे साँवरा कईया सरसी रे...
ओ भोला टाबरिया ने भूल्या कईया सरसी रे...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



श्री श्याम बाबा की इस अनुपम छवि के दर्शन श्री श्याम मंदिर, संतोषी नगर सिल्लीगुड़ी, पश्चिम बंगाल के है...

Thursday, 7 April 2011

!! कही डूब न जाये बाबा, अब तो आके सुध ले ले... !!




हे! निज भगतो की जीवन रूपी नैया के खेवनहार इष्टदेव, कुलदेव श्री श्याम बाबा, आज आपके द्वार पे खड़े आपके चरणों के इस सेवक की आपसे ह्रदय से यह करवद्ध प्रार्थना है, कि




मेरी नाव भँवर में डोले, डग-मग खाये हिचकोले...
कही डूब न जाये बाबा, अब तो आके सुध ले ले...
मेरी नाव भँवर में डोले, डग-मग खाये हिचकोले...
कही डूब न जाये बाबा, अब तो आके सुध ले ले...



श्याम आओ, श्याम आओ, श्याम आओं, श्याम...
श्याम आओ, श्याम आओ, श्याम आओं, श्याम...



लाचार हुई है बांहे, पतवार सम्हल न पाये..
बिन तेरे कौन दयालु, मेरी कश्ती पार लगाये...
ईक अनजानी चिंता में, मन खोया होले-होले...
कही डूब न जाये बाबा, अब तो आके सुध ले ले...



श्याम आओ, श्याम आओ, श्याम आओं, श्याम...
श्याम आओ, श्याम आओ, श्याम आओं, श्याम...



मजबूर हुआ हूँ कितना, जग को कैसे बतलाऊं...
दिल चोर नहीं है मेरा, कैसे विश्वास दिलाऊं...
मेरी बंद पड़ी किस्मत के, अब तू ही खोले ताले...
कही डूब न जाये बाबा, अब तो आके सुध ले ले...



श्याम आओ, श्याम आओ, श्याम आओं, श्याम...
श्याम आओ, श्याम आओ, श्याम आओं, श्याम...



तेरी दातारी के किस्से, दुनिया से सुने है दाता...
अब महर करे तो जाणु, हारे का तू साथ निभाता...
तेरा 'हर्ष' अकेला कह दे, दुःखड़ो को कैसे झेले...
तेरा भगत अकेला कह दे, दुःखड़ो को कैसे झेले...
कही डूब न जाये बाबा, अब तो आके सुध ले ले...



श्याम आओ, श्याम आओ, श्याम आओं, श्याम...
श्याम आओ, श्याम आओ, श्याम आओं, श्याम...



मेरी नाव भँवर में डोले, डग-मग खाये हिचकोले...
कही डूब न जाये बाबा, अब तो आके सुध ले ले...
मेरी नाव भँवर में डोले, डग-मग खाये हिचकोले...
कही डूब न जाये बाबा, अब तो आके सुध ले ले...



श्याम आओ, श्याम आओ, श्याम आओं, श्याम...
श्याम आओ, श्याम आओ, श्याम आओं, श्याम...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री विनोद जी अग्रवाल"

Sunday, 3 April 2011

!! ओ श्याम तेरे चरणों की, गर धुल जो मिल जाये... !!




हे इष्टदेव, कुलदेव श्री श्याम जी आपके श्री चरणों में नित निरंतर आपके इस दास की केवल यही एक अरदास है, कि



ओ श्याम तेरे चरणों की, गर धुल जो मिल जाये...
ओ बाबा तेरे चरणों की, गर धुल जो मिल जाये...
सच कहता हूँ मेरी, तकदीर बदल जाये...
सच कहता हूँ मेरी, तकदीर बदल जाये...
ओ बाबा तेरे चरणों की...



सुनता हूँ तेरी रहमत, दिन रात बरसती रहती है...
एक बूंद जो मिल जाये, दिल की कली खिल जाये...
ओ श्याम तेरे चरणों की, गर धुल जो मिल जाये...
सच कहता हूँ मेरी, तकदीर बदल जाये...
ओ बाबा तेरे चरणों की...



ये मन बड़ा चंचल है, कैसे तेरा भजन करूँ...
जितना इसे समझाऊँ, उतना ही मचल जाये...
ओ श्याम तेरे चरणों की, गर धुल जो मिल जाये...
सच कहता हूँ मेरी, तकदीर बदल जाये...
ओ बाबा तेरे चरणों की...



नजरो से गिराना ना, चाहे जितनी भी सजा देना...
नजरो से जो गिर जाये, मुश्किल है सम्हल पाये...
ओ श्याम तेरे चरणों की, गर धुल जो मिल जाये...
सच कहता हूँ मेरी, तकदीर बदल जाये...
ओ बाबा तेरे चरणों की...



बाबा इस 'जीवन' की, बस एक तमन्ना है...
तुम सामने हो मेरे, और प्राण निकल जाये....
ओ श्याम तेरे चरणों की, गर धुल जो मिल जाये...
सच कहता हूँ मेरी, तकदीर बदल जाये...
ओ बाबा तेरे चरणों की...



ओ श्याम तेरे चरणों की, गर धुल जो मिल जाये...
ओ बाबा तेरे चरणों की, गर धुल जो मिल जाये...
सच कहता हूँ मेरी, तकदीर बदल जाये...
सच कहता हूँ मेरी, तकदीर बदल जाये...
ओ बाबा तेरे चरणों की...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!



भजन : "श्री जीवन कुमार जी"

Thursday, 31 March 2011

!! दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ... !!



श्री श्यामधणी खाटूवाले के दरबार की बात ही निराली है... जो कोई श्री श्याम भक्त जब कभी भी सच्चे हृदय एवं पूर्ण श्रद्धा के साथ मोरवीनंदन बाबा श्यामधणी के दरबार में शीश नवाता है, श्री श्यामधणी अवश्य उनकी फ़रियाद बिन बोले ही सुन लेते है... इसलिए श्री श्याम प्रेम से पूरित एक भक्त का हृदय अपने अंतर्मन के भावों को इस प्रकार बाबा श्याम को अर्पित करते हुए कहता है कि...



दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...
जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



जो आस लगा करके, दरबार में आता है..
खाली झोली आता, भर के ले जाता है...
मांगे सो मिल जाये, ऐसा भण्डार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



ये सबके मन की बाते, बड़े ध्यान से सुनता है...
फ़रियाद सुने बाबा, और पूरी करता है...
जहाँ सबकी सुनाई हो, ऐसी सरकार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



कोई प्रेमी बाबा का, जब हमको मिल जाये...
सब रिश्तों से बढ़कर एक रिश्ता बन जाये...
यह श्यामधणी का है, ऐसा परिवार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



'बिन्नू' ने जो चाहा, दरबार से पाया है..
ये ही अपना सब कुछ है, संसार पराया है...
इसे छोड़ मेरा सपना, होगा साकार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...
जो श्याम से मिलता है, कहो मिलता प्यार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...
दरबार हज़ारो हैं, ऐसा दरबार कहाँ...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!




भाव रचियता : "श्री विनोद जी गाडोदिया" 'बिन्नू' जी"


श्री श्याम बाबा की यह अनुपम छवि खाटूधाम में विराजित उनके श्री विग्रह की है...


Monday, 28 March 2011

!! देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो... !!




ओ म्हारा धणी, ओ म्हारा खाटू वाला श्याम, ओ म्हारा सेठा रा सेठ साँवरा थारे द्वार पर खडया थारा टाबरिया, थासुं केवल आ ही अरज करे ह, कि....


देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...
देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...



थे मायत, मैं टाबर थारो...
फिर क्यूँ भूल्या, मत ना बिसारो...
झुर-झुर मनरो रोवे, श्याम निहारो...
झुर-झुर मनरो रोवे, श्याम निहारो...



देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...



ना ठुकराओ, गले स लगाओ...
अवगुण म्हारा, चित्त ना ल्याओ...
देव दयालु थे हो, दया बरसाओ...
देव दयालु थे हो, दया बरसाओ...



देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...



अड़ी ओड़ी गर, ना आओला...
कुण सै रिश्ते, बतलाओला...
'नंदू' सही ना जावे, पीड़ विचारों...
'नंदू' सही ना जावे, पीड़ विचारों...



देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...
देकर सहारो म्हाने, श्याम उबारो...
थारे बिन साँवरिया, कुण हमारो...



!! जय जय मोरवीनंदन, जय जय बाबा श्याम !!
!! काम अधुरो पुरो करज्यो, सब भक्तां को श्याम !!
!! जय जय लखदातारी, जय जय श्याम बिहारी !!
!! जय कलयुग भवभय हारी, जय भक्तन हितकारी !!


भजन : "श्री नंदू जी"
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